हजारों साल पुराना है ये हनुमान मंदिर, मुगल भी नहीं तोड़ पाए इसे

this-hanuman-temple-is-thousands-years-old-it-did-not-break-even-mughal》जीवन दर्शन Desk: महावीर हनुमान को कलयुग का साक्षात देवता माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान आज भी धरती पर मौजूद हैं। कई पुराणों और ग्रंथों में यह बात पाई जाती है। हनुमान को अजर-अमर देवता माना जाता है।
उनके कई विशाल मंदिर और मूर्तियां भारत में विभिन्न स्थानों पर हैं, लेकिन आपको यह बात जान कर आश्चर्य होगा यहां कुछ मंदिर अपनी विशेषताओं के कारण दुनिया में विख्यात हैं। जहां न की सिर्फ भगवान हनुमान को पूजा जाता है, साथ ही उनकी प्राचीन मूर्तियां भी हैं।

11 अप्रैल 2017, हनुमान जयंती है। इस अवसर पर Vijayrampatrika.com आपको महावीर हनुमान से जुडे़ मंत्र, वॉर्शिप मेथॉड्स और प्रमुख मंदिरों के बारे में बता रहा है। इस कडी़ में आज आपको कराते हैं 8 विशेष मंदिरों के दर्शन…

1. हनुमान मंदिर, इलाहबाद
उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद किले से सटा यह मंदिर लेटे हुए हनुमानजी की प्रतिमा वाला एक छोटा किन्तु प्राचीन मंदिर है। यह सम्पूर्ण भारत का एकमात्र मंदिर है, जिसमें हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में हैं। यहां पर स्थापित हनुमानजी की प्रतिमा 20 फीट लम्बी है। जब वर्षा के दिनों में बाढ़ आती है और यह सारा स्थान जलमग्न हो जाता है, तब हनुमानजी की इस मूर्ति को कहीं ओर ले जाकर सुरक्षित रखा जाता है। उपयुक्त समय आने पर इस प्रतिमा को पुन: यहीं लाया जाता है।

जीभर पच लिए मुगल पर नहीं टूटा
भारत में मुगलों का आगमन अरब कंट्रीज से हुआ। उन्होंने छोटे-मोटे राजाओं पर हमला किए, राज्यों को लूटा। नगर में घुसकर हिंदू बच्चे-जवान मार दिए जाते थे और महिलाओं का शोषण करते थे। इसी वजूद में जब अंतिम मुस्लिम बादशाह औरंगजेब ने अपने साम्राज्य में मंदिरों को तुड़वाने आदेश दिया तो सैनिक इलाहबाद भी पहुंचे। लेकिन इस मंदिर को तोड़ न सके।

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भारत के बाहर इन देशों में हैं भगवान हनुमान की विशाल मूर्तियां

2. हनुमानगढ़ी, अयोध्या
अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है। यहां का सबसे प्रमुख श्रीहनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है। इसमें 60 सीढिय़ां चढऩे के बाद श्रीहनुमानजी का मंदिर आता है। यह मंदिर काफी बड़ा है। मंदिर के चारों ओर निवास योग्य स्थान बने हैं, जिनमें साधु-संत रहते हैं। हनुमानगढ़ी के दक्षिण में सुग्रीव टीला व अंगद टीला नामक स्थान हैं। इस मंदिर की स्थापना लगभग 300 साल पहले स्वामी अभयारामदासजी ने की थी।

3. सालासर हनुमान मंदिर, सालासर
हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है। हनुमानजी की यह प्रतिमा दाढ़ी व मूंछ से सुशोभित है। यह मंदिर पर्याप्त बड़ा है। चारों ओर यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनी हुई हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और मनचाहा वरदान पाते हैं।
इस मंदिर के संस्थापक श्री मोहनदास जी बचपन से श्री हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा रखते थे। माना जाता है कि हनुमान जी की यह प्रतिमा एक किसान को जमीन जोतते समय मिली थी, जिसे सालासर में सोने के सिंहासन पर स्थापित किया गया है। यहाँ हर साल भाद्रपद, आश्विन, चैत्र एवं वैशाख की पूर्णिमा के दिन विशाल मेला लगता है।

4. हनुमान धारा, चित्रकूट
उत्तर प्रदेश के सीतापुर नामक स्थान के समीप यह हनुमान मंदिर स्थापित है। सीतापुर से हनुमान धारा की दूरी तीन मील है। यह स्थान पर्वतमाला के मध्यभाग में स्थित है। पहाड़ के सहारे हनुमानजी की एक विशाल मूर्ति के ठीक सिर पर दो जल के कुंड हैं, जो हमेशा जल से भरे रहते हैं और उनमें से निरंतर पानी बहता रहता है। इस धारा का जल हनुमानजी को स्पर्श करता हुआ बहता है। इसीलिए इसे हनुमान धारा कहते हैं। धारा का जल पहाड़ में ही विलीन हो जाता है। उसे लोग प्रभाती नदी या पातालगंगा कहते हैं।

इस स्थान के बारे में एक कथा इस प्रकार प्रसिद्ध है-
श्रीराम के अयोध्या में राज्याभिषेक होने के बाद एक दिन हनुमानजी ने भगवान श्रीरामचंद्र से कहा- हे भगवन। मुझे कोई ऐसा स्थान बतलाइए, जहां लंका दहन से उत्पन्न मेरे शरीर का ताप मिट सके। तब भगवान श्रीराम ने हनुमानजी को यह स्थान बताया।

5. श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी
यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित है। इस मंदिर के चारों ओर एक छोटा सा वन है। यहां का वातावरण एकांत, शांत एवं उपासकों के लिए दिव्य साधना स्थली के योग्य है। मंदिर के प्रांगण में श्रीहनुमानजी की दिव्य प्रतिमा स्थापित है। श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के समीप ही भगवान श्रीनृसिंह का मंदिर भी स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई मूर्ति है।

इस मूर्ति में हनुमानजी दाएं हाथ में भक्तों को अभयदान कर रहे हैं एवं बायां हाथ उनके ह्रदय पर स्थित है। प्रत्येक कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमानजी की सूर्योदय के समय विशेष आरती एवं पूजन समारोह होता है। उसी प्रकार चैत्र पूर्णिमा के दिन यहां श्रीहनुमान जयंती महोत्सव होता है। इस अवसर पर श्रीहनुमानजी की बैठक की झांकी होती है और चार दिन तक रामायण सम्मेलन महोत्सव एवं संगीत सम्मेलन होता है।

 बाढ़ में डूब जाती है हनुमानजी की ये मूर्ति, ले जाते हैं दूसरी जगह6. बेट द्वारका, गुजरात
बेट द्वारका से चार मील की दूरी पर मकर ध्वज के साथ में हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं। अहिरावण ने भगवान श्रीराम लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपा कर रखा था।

जब हनुमानजी श्रीराम-लक्ष्मण को लेने के लिए आए, तब उनका मकरध्वज के साथ घोर युद्ध हुआ। अंत में हनुमानजी ने उसे परास्त कर उसी की पूंछ से उसे बांध दिया। उनकी स्मृति में यह मूर्ति स्थापित है। कुछ धर्म ग्रंथों में मकरध्वज को हनुमानजी का पुत्र बताया गया है, जिसका जन्म हनुमानजी के पसीने द्वारा एक मछली से हुआ था।

हनुमान जी के 10 सबसे बडे़ मंदिरों के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें।
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7. हंपी, कर्नाटक
बेल्लारी जिले के हंपी नामक नगर में एक हनुमान मंदिर स्थापित है। इस मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमानजी को यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है। विद्वानों के मतानुसार यही क्षेत्र प्राचीन किष्किंधा नगरी है। वाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में इस स्थान का वर्णन मिलता है।
संभवतया इसी स्थान पर किसी समय वानरों का विशाल साम्राज्य स्थापित था। आज भी यहां अनेक गुफाएं हैं। इस मंदिर में श्रीरामनवमी के दिन से लेकर तीन दिन तक विशाल उत्सव मनाया जाता है।

8. श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर (गुजरात)
अहमदाबाद-भावनगर रेलवे लाइन पर स्थित बोटाद जंक्शन से सारंगपुर लगभग 12 मील दूर है। यहां एक प्रसिद्ध मारुति प्रतिमा है। महायोगिराज गोपालानंद स्वामी ने इस शिला मूर्ति की प्रतिष्ठा विक्रम संवत् 1905 आश्विन कृष्ण पंचमी के दिन की थी।
जनश्रुति है कि प्रतिष्ठा के समय मूर्ति में श्रीहनुमानजी का आवेश हुआ और यह हिलने लगी। तभी से इस मंदिर को कष्टभंजन हनुमान मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर स्वामीनारायण सम्प्रदाय का एकमात्र हनुमान मंदिर है।

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शिवपुराण; स्वयं भगवान शिव ने बताए हैं मृत्यु से जुडे़ ये 15 संकेत

Signs of Death as told by Lord Shiva》जीवन दर्शन Desk: कहा जाता है जीवन और मृत्यु पर किसी का बस नहीं चलता, लेकिन कुछ घटनाओं और संकेतों से मृत्यु के बारे में पता जरूर लगाया जा सकता है। शिवपुराण में भगवान शिव ने माता पार्वती को मृत्यु के संबंध में कुछ विशेष संकेत बताए हैं। इन संकेतों को समझकर यह जाना जा सकता है कि किस व्यक्ति की मृत्यु कितने समय में हो सकती है। ये हैं शिवपुराण में बताए गसंकेत

पहले जानें शरीर से संबंधित संकेत
1. यदि अचानक किसी व्यक्ति का शरीर सफेद या पीला पड़ जाए और लाल निशान दिखाई दें तो उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो सकती है।
2. जिस मनुष्य का मुंह, कान, आंख और जीभ ठीक से काम न करें, उसके जीवन के लगभग छः महिनें ही बचे हो सकते है।
3. यदि किसी व्यक्ति का मुंह और गला बार-बार सूखने लगे तो उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो सकती है।
4. जब किसी मनुष्य का बायां हाथ लगातार एक सप्ताह तक फड़कता रहे, सारे अंगों में अंगड़ाई आने लगे या तालू सूख जाए तो उस मनुष्य की मृत्यु एक महीने के अंदर हो सकती है।

नोट: Vijayrampatrika.com महाशिवरात्रि (25/2/17) के अवसर पर आपको भगवान शिव की साधना, कृपा और उनके परिवार से संबंधित आर्टिकल्स देगा। ताजा न्यूज अपडेट्स के लिए fb.com/vijayrampatrika पर बने रहें।

मृत्यु के अन्य संकेत जानने के लिए गैलरी के फोटोज़ छूकर अंदर झांकें…

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यहां गंगा के साथ हैं शिव, जलधारा से स्वंय होता है अभिषेक

Tuti Jharna Mandir, mysterious Shiva temple》जीवन दर्शन Desk: हर मंदिर का अपना ही अलग महत्व औऱ रहस्य होता है। दुनियाभर में भगवान शिव के ऐसे ही अनेक रहस्यमयी और चमत्कारी मंदिर है। कई मंदिरों के रहस्य आज तक भक्तों के लिए आश्चर्य का केन्द्र बना हुआ है। इन्हीं मंदिरों में से एक मंदिर है भगवान शिव का टूटी झरना मंदिर।

यह मंदिर झारखंड में रामगढ़ से 8 किमी की दूरी पर स्थित है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर बहुत ही अद्भुद है क्योंकि यहां भगवान के शिवलिंग का जलाभिषेक कोई और नहीं बल्कि स्वयं देवी गंगा करती हैं। सदियों से देवी गंगा निरंतर शिवलिंग पर जलधारा बहाती रहती है।

Gallery के फोटोज़ छूकर अंदर स्लाइड्स में पढि़ए क्या है इस मंदिर के रहस्य..

यह भी पढें: यह है मुर्गा महादेव मंदिर, नाम के पीछे है इसकी एक रोचक कहानी
यहां है भगवान शिव का प्राकृतिक शिवलिंग, सूरज की रोशनी में हो जाता है सुनहरा
दिन में तीन बार रंग बदलता है ये शिवलिंग, यहां आने से हो जाती हैं कुवारों की शादी
यहां हिंदु नहीं मुसलमान भी करते हैं शिव पूजा, महमूद गजनवी हुआ था असफल

नोट: Vijayrampatrika.com महाशिवरात्रि (25Fub, 2017) के अवसर पर आपको भगवान शिव की साधना, कृपा और उनके परिवार से संबंधित आर्टिकल्स देगा। ताजा न्यूज अपडेट्स के लिए fb.com/vijayrampatrika पर बने रहें।

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दुनिया के 10 सबसे बड़े चर्च, निहारिए, शानदार है इनका BASILICA

ये हैं दुनिया के 8 सबसे खूबसूरत चर्च, इनका Architecture है बड़ा अनूठा》जीवन दर्शन Desk: वैसे तो धर्म कोई भी हो ईश्वर की ईबादत के लिए किसी बड़ी इमारत की जरूरत नहीं है, क्योंकि ईबादत दिल से की जाए तो ईश्वर उसे जरूर कबूल करता है। चाहे वो कहीं भी कै से भी की जाए। फिर भी ईश्वर की ईबादत के लिए खूबसूरत इबादतगाह बनाने की परंपरा दुनिया में सदियों पुरानी है। यह परंपरा हर धर्म के लोगों में है।
हिन्दू जहां मंदिर में प्रार्थना करते हैं, वहीं मुस्लिम मस्जिद में तो सिख गुरुद्वार में तो ईसाई चर्च में फरियाद लगाते है। 25 दिसंबर को क्रिसमस, ईसाईयों का सबसे बड़ा त्योहार है। यह प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के रूप में 24 दिसंंबर की मध्यरात्रि से ही 31 दिसंबर तक मनाया जाता है। इस मौके पर

Vijayrampatrika.com आपको दिखा रहा है दुनिया के 10 सबसे बडे़ और आकर्षक चर्च। जहां हजारों लोग जुटते हैं…

1. बैसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ पीस, येमोसॉक्रो
Basilica of Our Lady of Peace, Yamoussoukro (Côte d’Ivoire)
यह चर्च पश्चिम अफ्रीका के कोट् डी आइवर देश की राजधानी यामौस्सोक्रो में स्थित है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक यह दुनिया में सबसे बड़ा क्रिश्चियन चर्च है। 30,000 मीटर स्कवायर (322,917 वर्ग फुट) में फैले ‘लेडी ऑफ पीस’ बासीलीक की ऊंचार्इ 158 मीटर (518 फीट) फीट है। हालांकि, पूरा क्षेत्र इसका नहीं है, एक विला भी शामिल है। इसमें 18,000 वारशिपर्स एक साथ आ सकते हैं। 1990 में कंप्लीट हुए इस चर्च के निर्माण में 300 मिलियन यूएस डॉलर का खर्च आया। ·ctbuh.org

दुनिया के अन्य विशाल गिरजाघरों के बारे में जानने के लिए फोटोज छूकर अंदर स्लाइड्स में पढें…..
यह भी पढें: ये हैं इंडिया के मोस्ट ब्यूटिफुल churches, दिखते हैं विदेशों जैसे
इस शहर में लगता है क्रिसमस का सबसे बड़ा मेला, महीनों पहले से तैयारी

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क्रिसमस संग न्यू ईयर पार्टी के लिए बेस्ट हैं इंडिया के ये 5DESTINATION

Christmas Celebration With New Year Is Fantastic Idea So Plan These 5 Indian Destination For Party.》WORLD TOURISM Desk: क्रिस्मस का फेस्टिवल न्यू ईयर के बहुत ही करीब होता है जिसके चलते अधिकतर लोग कोशिश करते हैं किसी ऐसी जगह सेलिब्रेट करने की जिससे एक साथ दोनों काम हो जाए। तो अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो प्लान बनाएं ऐसी जगहों का, जहां शांति और सुकून के साथ क्रिसमस और न्यू ईयर को एन्जॉय किया जा सकता है।

List of Top 5 Best & Famous Churches in India
इंडिया में इसके लिए वैसे तो बहुतेरे डेस्टिनेशन्स हैं, लेकिन उनमें से 5 तो इन्हीं दो इच्छाओं को पूरा करने के लिए। जैसे कि गोवा के बीच और उत्तराखंड में हिल स्टेशन नियर चर्च। यहां शांत से चर्च में जाकर प्रार्थना करने और उसके बाद वहां के नजारों का मजा लेने के लिए बेस्ट हैं ये सारी जगहें। ये चर्च इतने खूबसूरत हैं कि इन्हें देखकर यूरोपियन चर्चों का अहसास होता है।

1. सेंट जॉन चर्च, नैनीताल
St. John Church Nainital
सेंट जॉन चर्च इन वाइल्डरनेस, एक शांत जगह है जो मल्लीताल (नैनीताल के उत्तरी छोर) में स्थित है। इस चर्च को जंगल में सेंट जॉन के रूप में भी जाना जाता है। यह चर्च 1880 के भूस्खलन में शिकार हुए लोगों के एक स्मारक के रूप में भी कार्य करता है, जहां एक पीतल की पट्टिका में शिकार हुए लोगों का नाम लिखा हुआ है। नैनीताल भली-भांति देश के विभिन्न भागों से सड़क, रेल और वायु मार्ग से जुड़ा हुआ है।

क्रिसमस एंड न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए फेमस अन्य डेस्टिनेशंस के लिए छुएं फोटोज, अंदर स्लाइड्स में पढें....
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दुनिया के 10 सबसे खूबसूरत चर्च, किसी का लुक मंदिर सा तो कोर्इ दिखता है महल जैसा

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