Posts Tagged With: POlITICS

इन सबको अपनी-अपनी धोंध भरने को हिस्सा चाहिए, लेकिन आमजन के लिए दंगे-फसाद और हवा-हवाई वादे ही…

पानी से लबालब एक तालाब किनारे मछली पकड़ते हुए तीन दाढ़ी वाले सज्जन आपस में बातें कर रहे थे। मियां ने फखरुद्दीन खां से कहा,

”जनाब उन्होंने जरा घुड़की क्या लगा दी, सरकार इतनी ज्यादा मेहरबान हो गई… अब इन जजों को जनता की बेबसी और न्याय नहीं दिखेगा?😩

असल में उनका पहली बार माइक वालों के सामने आना इसीलिए था कि जैसे सरकार से मीडिया वाले, आईटी सेल वाले और कि विधायक, बाबूओं को धोंध भर मिल रहा था उससे वकील और जज खफा थे।🤑😤

आज सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट समेत हाईकोर्ट के दूसरे जजों की सैलरी 200% बढ़ाने की घोषणा हो गई, इसके बाद ये सभी न्याय के देवता आमजन के मामलों के निपटारे पर निढल्ले काम कर पाएंगे। सबको चाहिए खाने के लिए, खुद तो कमाते ही हैं… और जबतक किसी सरकार से मिल नहीं जाता तो जो चुभन होती है उससे निकालते रहते हैं। डॉक्टर्स, शिक्षक, वकील, पटवारी न जाने कितने तबके उन्हें जिम्मेदारियों के बजाए बढ़ा हुआ ज्यादा चाहिए। और विधायक—सांसदों पर तो न कांग्रेस सख्ती बरतती है, न भाजपा-सपा के प्रमुख, क्योंकि ​पार्टी के हित ही जनता के बजाए सर्वोपरि हैं। इसलिए, उनको आई साल सरकारी सुविधाओं के अतिरिक्त सैलरी में भारी इन्क्रीजमेंट का तड़का मिल जाता है।

पार्लियामेंट द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजे गए सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की सैलरी में इजाफे के बिल को 30 जनवरी को हाथों-हाथ मंजूरी मिली है। चीफ जस्टिस (CJI) को 2.80 लाख रुपए मिलेंगे, इसके पहले एक लाख रुपए सैलरी मिलती थी। इसी तरह उनसे नीचे के दूसरे जजों की सैलरी में भी 200% का इजाफा होगा। बढ़ी हुई सैलरी दिए जाने का फैसला 1 जनवरी 2016 से लागू होगा, जोकि 7वें पे #कमीशिन के सिफारिशों पर किया गया है।

तो गौर कीजिए, जबकि 3 करोड़ से ज्यादा केस पेंडिंग में पड़े हों और लाखों फाइलें अपने सुलझने की राह ताक रही हों, अब इनका वेतन बढ़ने पर भी सकारात्मक असर आना दूर की बात ही है। सरकार को चाहिए तो यह कि जो बड़ी संख्या में पद खाली चल रहे हैं, उन्हें भरा जाए। ताकि, निपटारा करने वाली कलम बढ़ें और उलझे केस लगातार घटें।

और पढ़ने के​ लिए…— www.facebook.com/vijayrampatrika

Advertisements
Categories: 》EDITORIAL | Tags: , , | Leave a comment

Create a free website or blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: