Posts Tagged With: TULSI

तुलसी के पत्तों को चबाना नहीं चाहिए, ये हैं तुलसी से मिलने वाले ढेरों फायदे

 Basil, basil juice, basil plant, tulsi fact#Vijayrampatrika.Com》जीवन दर्शन Desk. अधिकांश हिंदू घरों में तुलसी का पौधा अनिवार्य रूप से लगाया जाता है। यह एक परंपरा है और बहुत पुराने समय से चली आ रही है। तुलसी को देवी का रूप माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के पत्तों का सेवन करने पर कई प्रकार की बीमारियों की रोकथाम हो जाती है, लेकिन तुलसी के पत्तों का चबाना नहीं चाहिए, निगल लेना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार यदि घर-आंगन में तुलसी का पौधा रहता है तो वातावरण पवित्र और सकारात्मक बना रहता है। घर में तुलसी होने का वैज्ञानिक पक्ष भी है। तुलसी की महक से घर और घर के आसपास के वातावरण में फैले हुए कई सूक्ष्म हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। तुलसी की महक हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इसी वजह से हर रोज तुलसी में जल चढ़ाने की परंपरा भी है, ताकि हम कुछ समय तक तुलसी के पास रहें।

क्यों न चबाएं तुलसी के पत्तों को
तुलसी के पत्तों का सेवन करते समय ध्यान रखना चाहिए कि इन पत्तों को चबाए नहीं बल्कि ऐसे ही निगल लेना चाहिए। इस प्रकार तुलसी का सेवन करने से कई रोगों में लाभ प्राप्त होता है। तुलसी के पत्तों में पारा धातु भी विद्यमान होती है जो कि पत्तों को चबाने से यह धातु दांतों पर लगती है। यह हमारे दांतों के लिए फायदेमंद नहीं है। इससे दांत और मुंह से संबंधित रोग का खतरा हो सकता है। अत: तुलसी के पत्तों को बिना चबाए निगलना चाहिए।

तुलसी से और जुडी़ महत्वपूर्ण जानकारी के लिए छुएं ये तस्वीरें ।
कभी-कभी तुलसी का पौधा कुछ कारणों से सूख जाता है, ऐसे में हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए –
फोटो क्लिक करके पढि़ए भीतर… .

Advertisements
Categories: 》जीवन दर्शन | Tags: | Leave a comment

ये हैं तुलसी के आठ नाम, करते हैं पूजन तो रखते हैं विपदा से दूर

Uses of tulsi#Vijayrampatrikaसबसे पहले एक सवाल : भारत में सबसे पवित्र पौधा कौन सा है? आपको पता है ही तब ! इसके नाम क्या-क्या हैं, ये जानना जरूरी है। हम बताएंगे आपको तुलसी और इससे जुड़ी वे रोचक बातें जो हर किसी को पता होनी चाहिए.. .

ये हैं तुलसी के आठ नाम
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, तुलसी के आठ नाम हैं – पुष्पसारा, नन्दिनी, वृंदा, वृंदावनि, विश्व पूजिता, विश्व पावनी, तुलसी और कृष्ण जीवनी। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो तुलसी काे ऑसीमम सैक्टम कहा जाता है।

तुलसी की पूजा में ये चीजें जरूरी हैं
तुलसी पूजा के लिए घी दीपक, धूप, सिंदूर, चंदन, नैवद्य और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। रोजाना पूजन करने से घर का वातावरण पूरी तरह पवित्र रहेगा। इस पौधे में कर्इ ऐसे तत्व भी होते हैं जिनसे कीटाणु पास नहीं फटकते।

पत्तों के सेवन के बेस्ट बेनिफिट
डेली 4 पत्ते सुबह ग्रहण करने से आपके मधुमेह, रक्त विकार, वात, पित्त आदि दोष दूर होने लगेंगे। लेकिन कैसे सेवन करें, यह जानिए अभी। सुबह आप स्नानादि से फ्रेश होते ही तुलसी को पूजें। पेट खाली हो तब ही पत्तों को मुंह में ले जाएं, उन्हें चबाएं नहीं।

टूटकर गिरेंगे मस्से, घाव सूख जाएगा
राजमार्तण्ड ग्रंथ के अनुसार, तुलसी ट्रीटमेंट में बेतहर प्राकृतिक दवा है। यदि आपके ताजा घाव ठीक नहीं हो रहे हैं तो थोड़ा सा रस निचोड़ लें। तुलसी की एक प्रजाति ‘वनतुलसी’ मस्सा, दाद, आंख के रोग या प्रसव पीडा़ में लाभदायक रहती है। हालांकि घरों में वनतुलसी और मरूवक को नहीं लगाते, इनमें जहरनाशक तत्व शामिल होते हैं।

तुलसी पूजन के वक्त रोज सुबह बोले यह मंत्र, घर में सदा रहेगी शांतिरुक जाएंगी हिच-की, खाली होगी खांसी
आप रोजाना मंदिर जाते हैं? प्रसाद भी लेते होंगे, तुलसी का चिम्नामृत नहीं लेते क्या? जरूर लिया करें । मान्यता है कि इससे कड़वे व तीखे स्वाद वाली कफ, खांसी, हिचकी, उल्टी, कृमि दुर्गंध आदि नहीं पनपते। पीलिया में तुलसी का गंडा गले में रखना चाहिए।

प्रसाद में शामिल जरूर करें
तुलसी को भगवान के प्रसाद में रखकर ग्रहण करने की भी परंपरा है, ताकि यह अपने प्राकृतिक स्वरूप में ही शरीर के अंदर पहुंचे और शरीर में किसी तरह की आंतरिक समस्या पैदा हो रही हो तो उसे खत्म कर दे।

यहां तक आर्टिकल आपको कैसा लगा?
यदि तुलसी से जुडी़ खोजपरक बातें और जाननी हैं तो छुएं ये 6 फोटोज़, स्लाइड्स में पढें भीतर… .
सभी तस्वीरें सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए गैलरी में डाली गर्इ हैं ..

Categories: 》जीवन दर्शन | Tags: | Leave a comment

MOSQUITOES काटें या हों अन्य रोग, ये हैं तुलसी सेवन के 13 BENEFITS

MOSQUITOES काटें या हों अन्य रोग, ये हैं तुलसी सेवन के 13 BENEFITS तुलसी काे हिंदू धर्म में इसके अनगिनत औषधीय गुणों के कारण पूज्य माना गया है। तुलसी न केवल धार्मिक मान्यताओं में अनिवार्य है बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी इसके महत्व कर्इ हैं। यहां जानिए मलेरिया हो या बुखार, जी मिचलाना हो या अनिद्रा की बीमारी, कर्इ परेशानियों में तुलसी किस तरह कारगर है… ..

मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी, जैसे मलेरिया में तुलसी एक कारगर औषधि है। तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पीने से मलेरिया जल्दी ठीक हो जाता है। जुकाम के कारण आने वाले बुखार में भी तुलसी के पत्तों के रस का सेवन करना चाहिए।

इससे बुखार में आराम मिलता है। शरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़ा गुड़ डालकर लें, आराम मिलेगा।

1. साधारण खांसी में तुलसी के पत्तों और अडूसा के पत्तों को बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से बहुत जल्दी लाभ होता है।
2. तुलसी व अदरक का रस बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से खांसी में बहुत जल्दी आराम मिलता है।
3. तुलसी के रस में मुलहटी व थोड़ा-सा शहद मिलाकर लेने से खांसी की परेशानी दूर हो जाती है।
4. चार-पांच लौंग भूनकर तुलसी के पत्तों के रस में मिलाकर लेने से खांसी में तुरंत लाभ होता है।
5. शिवलिंगी के बीजों को तुलसी और गुड़ के साथ पीसकर नि:संतान महिला को खिलाया जाए तो जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है।
6. किडनी की पथरी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाया गया काढ़ा शहद के साथ नियमित 6 माह सेवन करने से पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है।
7. फ्लू रोग में तुलसी के पत्तों का काढ़ा सेंधा नमक मिलाकर पीने से लाभ होता है।
8. तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है। इससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है।
9. तुलसी के पत्तों को त्वचा पर रगड़ दिया जाए तो त्वचा पर किसी भी तरह के संक्रमण में आराम मिलता है।
10. तुलसी थकान मिटाने वाली औषधि है। बहुत थकान होने पर तुलसी की पत्तियों और मंजरी के सेवन से थकान दूर हो जाती है।

शरीर में किसी भी तरह के दूषित तत्व के एकत्र हो जाने पर तुलसी सबसे बेहतरीन दवा के रूप में काम करती है। दिए गए तीन फोटोज़ पर क्लिक कर अंदर स्लाइड्स में पढ़ें तुलसी के कुछ और फायदों के बारे में…

Categories: 》जीवन दर्शन | Tags: | Leave a comment

ये है वो चमत्कारिक पौधा जिससे वास्तुदोष भी भागे दूर, आप काहे मजबूर !

 ये है वो चमत्कारिक पौधा जिससे वास्तुदोष भी भागे दूर, आप काहे मजबूर !भारत में पौधों का महत्व बहुत ज्यादा है। सदियों से मानव इसे न केवल अपनी जीविका मानता आया है बल्कि रहने-करने सारी जरूरतें इन्हीं से पूरी की हैं। कुछ पवित्र पौधे जिनका प्रयोग धार्मिक क्षेत्र में रहा है वे वैज्ञानिक नजरिए में भी उतने लाभदायक रहे हैं। इन पौधों से, हिंदु हों या अन्य मजहब जिसने समझा है, अपने आंगन में वे विराजमान रखते हैं।

इन्हीं पवित्र और बहुद्देशीय पौधों में से एक है तुलसी, जो हमारी परंपराओं से तो जुड़ा ही है साथ ही अनगिनत औषधीय गुणों के कारण पूज्य भी माना गया है। आइए जानते हैं जो होता तो है आमतौर पर सबके घर में, लेकिन फिर भी लोग अनजान हैं .. .

About facts of Tulsi
हिन्दू धर्म में तुलसी से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताएं हैं। इसके कई प्रकार हैं जैसे रक्त तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी। इन सभी प्रजातियों के गुण भी अलग-अलग हैं। भारत में जो पौधा है, वह ऑसीमम सैक्टम कहा जाता है।

– तुलसी 1 से 3 फीट तक ऊंचा (Ocimum tenuiflorum) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है, आपको पता ही है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ सो ढकी होती है। पत्तियाँ १ से २ इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं। पुष्प मंजरी अति कोमल एवं 8 इंच लम्बी और बहुरंगी छटाओं वाली होती है, जिस पर बैंगनी और गुलाबी आभा वाले बहुत छोटे हृदयाकार पुष्प चक्रों में लगते हैं।

– तुलसी के बीज चपटे पीतवर्ण के छोटे काले चिह्नों से युक्त अंडाकार होते हैं। नए पौधे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में उगते है और शीतकाल में फूलते हैं।

 A basil plant is generally seen in most of the houses which is an exclusive distinction of many Indian family. There is also an inherent scientific reason ...Vijayrampatrika.Com– तुलसी का पौधा सामान्य रूप से दो-तीन वर्षों तक हरा बना रहता है। इसके बाद इसकी वृद्धावस्था आ जाती है। पत्ते कम और छोटे हो जाते हैं और शाखाएँ सूखी दिखाई देती हैं। इस समय उसे हटाकर नया पौधा लगाने की आवश्यकता प्रतीत होती है।

यहां तक तो रहीं तुलसी की पहचान और इसके बारे में जानने की बातें। अब जानते हैं क्यों चमत्कारिक माना गया है बासिल। कुछ लोग तुलसी के बारे में ये बातें नहीं जानते, इसलिए इन्ट्रड्यूज करना जरूरी था।

दिए गए 8 फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड़स में पढें :-
– वास्तुदोष दूर करे तुलसी
– किस दिशा में लगाएं तुलसी ताकि कन्या की शादी हो जल्द
– बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा है? ताे करें 1 ये उपाय
– लव मैटर्स नहीं सुधर रहे/शुरुआत कैसे करें
– बच्चा जिद्दी हो गया है या बातें नहीं मानता
– बुखार, नाम उतना खतरनाक नहीं है इस बीमारी का लेकिन ..
– वातावरण को ऐसे शुद्घ करता है तुलसी
– कार्इ के खाज़ हो गर्इ है तो, चेहरे पर फुन्सियां भी हैं? उपाय तुलसी –

Categories: 》जीवन दर्शन | Tags: | Leave a comment

तुलसी पूजन के वक्त रोज सुबह बोले यह मंत्र, घर में सदा रहेगी शांति

 तुलसी पूजन के वक्त रोज सुबह बोले यह मंत्र, घर में सदा रहेगी शांतितुलसी की मौजूदगी के ढेरों फायदे हैं। इसके पत्तों में थोडे़ से रस का अंश हमारी कर्इ बीमारियों के इलाज में कारगर रहा है। पुराणों में तुलसी की कथा आपने पढी़ होगी, इसलिए हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय माना गया है। सदियों से सबके घरों में तुलसी का पौधा विराजमान रहा है, लोग सुबह ही स्नानादि से तृप्त होकर इसकी पूजा करते हैं।
यदि आपके आंगन में है तुलसी तो आप एक खास मंत्र के जरिए और आत्मविश्वासी हो सकते हैं। यह गायत्री मंत्र, जो तुलसी पूजन में उपयुक्त होता है.. .

ऊँ श्री तुलस्यै विद्महे। विष्णु प्रियायै धीमहि। तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।।

ये है पूजन विधि
– सुबह स्नान के बाद घर के आंगन या देवालय में लगे तुलसी के पौधे की गंध, फूल, लाल वस्त्र चढ़ाकर पूजा करें। फल का भोग लगाएं।
– धूप व दीप जलाकर उसके नजदीक बैठकर तुलसी की ही माला से तुलसी गायत्री मंत्र का श्रद्धा से, सुख की कामना से 108 बार स्मरण करें। तब अंत में तुलसी की पूजा करें ।
– पूजा व मंत्र जप में हुई त्रुटि की प्रार्थना आरती के बाद कर फल का प्रसाद ग्रहण करें।
– संध्या समय तुलसी के पास दीपक प्रज्वलित अवश्य ही करना चाहिए। इससे सदैव घर में सुख शांति का वातावरण बना रहता है।

और क्या हैं तुलसी के फायदे, लिंक पर क्लिक कर जानिए अभी :-
क्या आपके घर में हैं रामा – श्यामा, इनकी मौजूदगी के फायदे हजार !
क्यों पूज्य है हिंदू धर्म में तुलसी, इन श्लाकों से समझें सार
गणपति बप्पा की पूजा में न करें तुलसी का प्रयोग
MOSQUITOES काटें या हों अन्य रोग, ये हैं तुलसी सेवन के 13 BENEFITS
तुलसी के पत्तों को चबाना नहीं चाहिए

Categories: 》जीवन दर्शन | Tags: | Leave a comment

Create a free website or blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: