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‘2018 तक बच्चे पैदा न करें महिलाएं’; जानें एक वायरस से क्यों खौफजदा हैं वे देश

जीका वायरस का खौफ ऐसा कि बच्चे न पैदा करने को कहने लगे देश, 10 Facts 》360° news Desk: खतरनाक वायरसों का फैलना दुनिया में दहशत, बीमारियां और असहा्य मौत देता रहा है। कुछ सालों पहले स्वाइन लू के वायरस से विश्व जगत सहम उठा तो अत्यंत घातक इबोला ने कई देशों में मानव जाति को चूंस खाला। ऐसा ही एक वायरस इस समय पूरी दुनिया में भय और दुख: का पर्याय बना हुआ है, जिससे हजारों लोगों की जान जा चुकी हैं और लाखों चपेट में हैं।

यह महादैत्य है मच्छरों से पैदा होने वाला जीका वायरस (Zika virus)। अकेले ब्राजील में इसने 4 हजार से ज्यादा बच्चों के दिमाग को क्षति पहुंचाई है जबकि अमरीकी कॉन्टिनेंट और सब-ट्रॉपिकल रीजन में लगातार फैलता जा रहा है। हृदय विदारक यह भी है कि फिलहाल ऐसी कोई दवा या इलाज मौजूद नहीं है, जो जीका से लड़ सके। बच्चों को पीड़ा से बचाया जा सके। कई देशों में तो डर इतना है कि वे अपने नागरिकों को बच्चे पैदा न करने की सलाह दे रहे हैं।

जानिए क्या है जीका वायरस और इससे जुड़ी खास बातें….

1. अमरीकी कॉन्टिनेंटल से फैला
– जीका वायरस को डेंगू (dengue) और चिकनगुनिया (chikungunya) की कैटेगरी में रखा जाता है, लेकिन असल में यह डेंगू के मुकाबले कई गुना घातक है। इसके प्रभाव समाप्ति की निश्चित अवधि तक नहीं होती।
– माना जा रहा है कि सबसे पहले साउथ अमरीकी कॉन्टिनेंटल में इसका प्रभाव देखा गया। जिसके बाद कई सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में फैलता चला गया। अब तक 22 से ज्यादा देश जीका की चपेट में आ गए हैं। बुधवार को ही साउथ अमेरिका से डेनमार्क लौटे एक टूरिस्ट पर टेस्ट में जीका के पॉजीटिव निकलने पर यूरोप महाद्वीप में भी जीका संक्रमण का पहला मामला दर्ज हो गया है।
– विश्व स्वास्थय संगठन ने सोमवार को ही अलर्ट किया था कि नॉर्थ अमरीका महाद्वीप में कनाडा और दक्षिण अमरीका महाद्वीप में चिली को छोड़कर, सभी देश जीका वायरस की चपेट में आ जाएंगे।

जीका वायरस: बच्चे पैदा कराने में डर रहे कुछ देश, जरूर जानें 10 Facts80% लोगों को पता नहीं चलता
जहां स्वाइन लू का लोगों को आसानी से पता नहीं चलता वैसे ही जीका वायरस से प्रभावित करीब 80 प्रतिशत लोगों में किसी भी खास प्रकार के लक्षण पैदा नहीं होते, जिसकी वजह से गर्भवती महिलाओं के लिए यह जानना कठिन होता है कि वे संक्रमित हैं या नहीं।
– एक्सपर्ट के मुताबिक, जीका इंफेक्शन के बारे में अभी ज्यादा कुछ किसी को नहीं मालूम है। जैसे कि फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि प्रेग्नेंट महिलाओं में इंफेक्शन कितना आम है, या गर्भावस्था के दौरान वह कौन-सा वक्त है, जब महिला से यह संक्रमण गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंच सकता है।

3. इन देशों ने हाल ही जारी की बच्चे न पैदा करने की सलाह
– जीका के संक्रमण से बचने के लिए कई अफ्रीकी व अमरीकी देश महिलाओं से गर्भधारण को टालने या उससे बचने की सलाह दे चुके हैं। अल साल्वाडोर और कोलंबिया ने हाल ही बच्चे न पैदा करने को कहा है।
– बच्चे न पैदा करने की सलाह का वुमंस राइट्स से जुड़ी संस्थाओं तथा हेल्थ एक्सपर्ट्स ने विरोध किया है, उनका मानना है कि इन देशों के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों के लिए गर्भ-निरोध या गर्भपात के उपायों तक पहुंच बनाना भी कठिन है।
– अल साल्वाडोर में महिलाओं को एडवाइज दी गई है कि वे 2018 तक प्रेग्नेंट न हों। अधिकारिक तौर इस देश में जीका वायरस के 5,397 केस सामने आ चुके हैं।

4. जीका वायरस के कहर पर दवा और इलाज किसी देश में ज्ञात नहीं हो सके हैं।
5. अमरीका में शोध शुरू कि वायरस का माइक्रोसीफली से संबंध तो नहीं
– अमेरीकी विशेषज्ञों का कहना है कि जो नए अध्ययन शुरू किए गए हैं, उनमें यह पता लगाने के प्रयास हैं कि क्या प्रेग्नेंट महिलाओं में इसका इंफेक्शन तथा उनके नवजात बच्चों में सिर छोटा रह जाने की जन्मजात बीमारी माइक्रोसीफली (Microcephaly) के बीच कोई लेना-देना है या नहीं।

'2018 तक बच्चे पैदा न करें महिलाएं'; जानिए उस वायरस से क्यों खौफजदा है दुनिया6. माइक्रोसीफली भी लाइलाज है!
– माइक्रोसीफली बच्चे के दिमाग छोटा रह जाने की ऐसी जन्मजात बीमारी है, जिसका कोई ज्ञात उपचार उपलब्ध नहीं है।
– माइक्रोसीफली के इफेक्टस वाले केसेस में सिर छोटा रह जाने के अलावा आमतौर पर बच्चों में किसी भी तरह के कोई और लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन डॉक्टरों को फिर भी नियमित रूप से उनके विकास पर नजर रखनी पड़ती है।

7. माइक्रोसीफली के अधिक प्रभाव वाले मामलों में बच्चों में स्पीच, ऑक्यूपेशनल और फिजीकल थैरेपी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

8. अमरीका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिजीज (NIAID) ने नई दवाओं पर परीक्षण करना शुरू किया है, जो जीका वायरस एंटी हो सकती हैं। वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए कई बायलॉजिकल टेस्ट भी किए जाएंगे।

9. वायरस से बचने के एफर्ट्स में यूनाइटेड एयरलाइन्स सहित कई टूरिज्म कंपनियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को रिफंड देने अथवा जीका से प्रभावित इलाकों के उनके शेड्यूल टूर को बिना जुर्माना वसूले स्थगित करने की पेशकश देनी शुरू कर दी है।

10. विश्व स्थास्थय संगठन (WHO) स्पीक र क्रिश्चियन लिंडमैर ने मंगलवार को कहा था कि फिलहाल दुनियाभर में जीका से प्रभावित लोगों की कुल सं या के बारे में कोई वैश्विक आंकड़े मौजूद नहीं है, क्योंकि जीका के लक्षण इतने हल्के होते हैं कि इस वायरस पर पहले कभी नजर ही नहीं पड़ी।

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ऐसे 5 देश जो महिलाओं के लिए नहीं हैं सेफ, होती हैं रेप-हत्या, जबरन शादी

ये हैं दुनिया के 10 देश, जो नहीं हैं महिलाओं के लिए सेफ》दुनियां 360° news Desk: निर्भया कांड के बाद देशभर में हुए महिलाओं के बडे़ प्रदर्शन से लोग काफी सजग हुए। निर्भया के नाम स्मारक, निर्भया कोष और एक्सप्रेस चलाने की घोषणा के साथ ही कुछ कानून भी बदले गए। लेकिन सचार्इ ये है कि ऐसी
तमाम घोषणाओं, कार्यक्रमों, प्रयासों और कई सफलताओं के बावजूद दुनिया के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है। अलग-अलग देशों से अलग-अलग हालातों में सही फैक्ट्स जुटाना आसान नहीं होता, क्योंकि कई देशों में ऐसे मामले दर्ज ही नहीं होते।

The “worst place for women”
अभी ऐसे कर्इ देश हैं, जहां पर महिलाओं के साथ अत्यंत बुरा बर्ताव होता है, यौन शोषण होता है, उनको प्रताड़ित किया जाता है। यह सच महिलाओं के विदेश टूर के दौरान वहां के कल्चर-सोसाइटी और इनफेमस एरिया से गुजरने के दौरान भी सामने आता है। ब्रिटिश टूरिज्म साइट thomson.co.uk की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाने वाला भारत भी उन देशों में से एक है। टॉप-5 वर्स्ट कंट्रीज की लिस्ट इस प्रकार है….

1. कांगो गणराज्य/(Republic of the congo)
The worst places in the world for women: Congo
दुनियाभर में सेक्स संबंधित हिंसा में कांगो सबसे आगे हैं। अमेरिकी जनस्वास्थ्य पत्रिका के मुताबिक कांगो में हर रोज 1,150 महिलाओं के साथ बलात्कार होता है। महिलाओं के स्वास्थ्य की स्थिति भी बहुत बद्तर है। यहां 57 फीसदी गर्भवती महिलाएं खून की कमी से जूझती रहती हैं। इसके अलावा आर्थिक और सामाजिक हालात गिरे हुए हैं। स्त्रीजाति को प्रोत्साहित करने के कारगर योजनाएं भी नहीं बन सकी हैं। जर्मन नयूज साइट (dw.com) और द् गार्जियन की रिपोर्ट में कांगो को महिलाओं के लिए (Sexual violence) सबसे खतरनाक देश बताया गया है।

भारत कलंकित है और कौन से हैं ऐसे देश, जानने के लिए फोटोज छूकर अंदर स्लाइड्स में पढें...

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रेप, हत्या, जबरन शादी… महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक हैं ये 10 देश

ये है दुनिया के वो दस देश यहाँ पर होते है सबसे ज्यादा Rape Crime》दुनियां 360° news Desk: महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोकने के मकसद से दुनियाभर में अब तक कर्इ प्रयास हुए हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित ‘महिलाओं के विरुद्ध हिंसा खत्म करने वाला दिन’ 25 नवंबर भी एक है। इस दिन पूरी दुनिया में रेप, घरेलू हिंसा और अन्य हिंसा से शिकार होने वाली महिलाओं के प्रति जागरुकता फैलाने की कोशिश की जाती है।

लेकिन, तमाम घोषणाओं, कार्यक्रमों, प्रयासों और कई सफलताओं के बावजूद दुनिया के कई हिस्सों में आज भी महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है। अलग-अलग देशों से अलग-अलग हालातों में सही फैक्ट्स जुटाना आसान नहीं होता, क्योंकि कई देशों में ऐसे मामले दर्ज ही नहीं होते। लेकिन कुछ संस्थाएं इसके लिए लगातार कठिन काम करती है।

10 सबसे खराब देश
Vijayrampatrika.com आज यहां आपको ‘महिलाओं के लिए दुनिया के 10 सबसे खराब देश’ दिखाएगा। इस रिपोर्ट में थॉम्पसन रायटर्स फाउंडेशन (World riport2014), फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट और स्टडी ऑफ ह्यूमनिटी की ओर से जुटाए गए आंकडों पेश किया गया है। साथ ही feministezine.com, wonderslist.com और theneweconomy.com जैसी प्रतिष्ठित वेबसाइट्स द्वारा जारी की गर्इ सूची भी इन्क्लुडेड है।

1. अफगानिस्तान में महिलाएं सबसे असुरक्षित
10 Worst Countries for Women
कभी पूरी तरह तालिबान के कब्जे में रहा अफगानिस्तान अब महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में सबसे ऊपर रखा जाता है। यहां निरक्षर महिलाओं की संख्या 87 फीसदी है। जबकि 70 से 80 फीसदी महिलाओं की जबरन शादी की जाती है। 54% से अधिक महिलाओं की शादी 15 से 19 की उम्र में ही हो जाती है। इसके अलावा भारी संख्या में महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार भी होती हैं। चूंकि यह एक मुस्लिम देश है तो यहां लडकियों का खतना (गुप्तांग के ऊपरी हिस्से को काटकर फेंक देना) करने की बुरी प्रथा भी कायम है। अलकायदा, आर्इएस और तालिबानों के आतंकी महिलाअों का अपहरण कर ले जाते हैं, हवस का शिकार बनने के बाद उन्हें भी टेररिस्ट बनना पड़ता है।

फोटोज छुकर अंदर स्लाइड्स में अन्य 9 देशों के बारे में पढें, जानें कि क्यों भारत भी इस कलंक से अछूता नहीं है……..

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दुनिया में कलंकित 10 देश, जहां होते हैंं सबसे ज्यादा RAPE

》दुनियां 360° news Desk: एक ओर जहां देश में महिलाओं को नौकरी में रियायत और बच्चियों को सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने की बात की जा रही है, वहीं दरिंदों की दुनिया में भारत शीर्ष पर है। आए दिन टीवी – अखबारों में वीमंस के साथ छेड़-छाड़, यौनशोषण, घरेलू हिंसा और हत्या के मामले सुनने को मिल रहे हैं।

हाय रे! रेप से कलंकित दुनिया के इन 10 देशों में भारत भी है शामिलबहुत सारे इंटरनेट पोल और सर्वेज में महिलाओं के लिए भारत की छवि कलंकित हुर्इ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर दिन औसतन 93 महिलाएंलात्कार का शिकार होती हैं। यह स्थिति भी तब के बाद की है, जब दिल्ली में निर्भया कांड के बाद लोग काफी सजग हुए। महिलाओं के प्रर्दशन और कर्इ संस्थाओं ने छेड़छाड, रेप और हत्या के खिलाफ आवाज भी उठार्इ है, लेकिन दरिंदों को शायद शर्म, लज्जा और पापकर्म नाम के कोर्इ चीज नहीं होती।

Vijayrampatrika.com आज यहां दुनिया के उन देशों का ब्योरा आपको देने जा रहा है, जहां सुरक्षा व सम्मान के लिहाज से महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। इन कंट्रीज में जबरन सेक्स, छेड़छाड और हत्या के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। यह रिपोर्ट worldknowing.com, more.com, sevenarticle.com, wonderslist.com, timesofindia, wiki और National Crime Records Bureau के आधार पर तैयार की गर्इ है।
दुनिया में सबसे संस्कारवान और औरत को पूजने के लिए जाना जाने वाला हिंदुस्तान इस मामले में शायद सबसे क्रूर और बेशर्म है……

1. अमेरिका/US is the highest rape crime country in the world
दुनिया का सुपर पावर यह देश बलात्कार के मामले में भी पहले स्थान पर है। अमेरिकी न्याय सांख्यिकी ब्यूरो (BJS) के मुताबिक यहां रेपिस्ट में 99% अनुपात पुरुषों का है। सभी पीडितों में 91% महिलाएं हैं जबकि 9% पुरुष हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, हर 6 में से एक अमेरिकी महिला और 33 में से हर एक पुरुष को अपने जीवनकाल में रेप या यौन-शोषण के प्रयास का पूरा अनुभव है। कालेज के दिनों में 14 साल की एज के अराउंड एक चौथार्इ से अधिक महिलाएं इस दौर से गुजरती हैं। आउट ऑफ ऑल, कुल मामलों में से केवल 14% की रिपोर्ट होती है। यह बात भी ध्यान देने वाली है कि अमेरिका में बलात्कार आउटडोर नहीं बल्कि अधिकांश मामले घरों के अंदर से जुडे हैं।

फोटोज छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें: सबसे तेजी से भारत में बढ़ रहे हैं रेप के मामले, देखा जाए तो सबसे ज्यादा बलात्कार की शिकार महिलाएं यहीं…

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