Posts Tagged With: Mano Ya Na Mano

5500 नहीं, 8000 साल पुरानी है सिंधु घाटी सभ्यता, ऐसे हुई थी नष्ट

know about Ancient Indus Valley Civilization, who ended because of weaker monsoonदुनियां 360° news Desk: प्राचीन भारत की सिंधु घाटी सभ्यता 5,500 साल नहीं बल्कि करीब 8 हजार साल पुरानी है। यह सभ्यता सिर्फ हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और लोथल व धोलावीरा तक ही सीमित नहीं थी, वरन् इसका विस्तार लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के किनारे या घग्गर-हाकरा नदी तक था।

आईआईटी खडग़पुर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में यह दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने 3,000 वर्ष इस सभ्यता के लुप्त होने के कारणों का भी पता लगा लिया है। संभवत: मौसम में बदलाव के चलते यह सभ्यता विलुप्त हो गई थी।

दिए गए फोटोज छुएं और अंदर स्लाइड्स में जानें..
– क्यों और कैसे उजड़ गए सिंधु घाटी सभ्यता के शहर
– भारतीय शोधार्थियों ने कैसे 6 हजार साल पुराने पॉटरी ढूंढ निकाले
… तो मिस्र और मेसोपोटामिया से भी पुरानी है सिंधु-सभ्यता

Advertisements
Categories: 》IN DEPTH | Tags: | Leave a comment

देखिए इस गांव के घरों में नहीं हैं गेट, लोग खुले में रखते हैं पैसे और जेवर.. !

House with door jamb but no door!》360° News Desk: हिंदुस्तान में 6 लाख से अधिक गांव हैं, जिनमें 60 करोड़ से अधिक आबादी निवास कर रही है। हर गांव की माटी और रीति-रिवाजें उन्हें खास बनाती है। देश में कुछ गांव ऐसे भी हैं जो न केवल साफ-सफार्इ में आगे हैं बल्कि रहना-कमाना भी शहरों से अच्छा है। इनके अलावा ऐसे गांवों की भी कमी नहीं है जो अपनी सालों से चली आ रही अनूठी परंपराओं पर चले अा रहे हैं। बाहर के लोगों के लिए वास्तव में ये बेहद अजीब हो सकते हैं, ऐसे में आपका भी जानना जरूरी है…..

ये भी पढें: इन गांवों में महिलाएं नहीं मनाती करवाचौथ, ऐसा क्याें हुआ है?
जब सुंदरी बन कान्हा को दूध पिलाने आर्इ ये राक्षसी, मरकर इस गांव में गिरी
बेहद भयानक हैं इस गांव के जंगल, जिसने काटके बेची लकडी़, हो गर्इ मौत
भारत का ये गांव है एशिया में सबसे साफ-सुथरा, सिर्फ अंग्रेजी में होती है बात
पीएम मोदी का ये है गांव, अाज ऐसे दमक रहा है जैसे द्वारका ही हो !

यहां घरों में नहीं हैं गेट, लोग खुले में ही रखते हैं पैसा और जेवर
Shani Shingnapur, A Village without Door Protection
महाराष्ट्र के शिंगणापुर गांव की खासियत ये है कि यहां के किसी घर में दरवाजा नहीं लगाया जाता है। सभी घर बिना दरवाजे के ही हैं। लोग अपना कीमती सामान ( जेवर और पैसा) किसी अलमारी या तिजोरी में भी नहीं रखते। इसके अलावा यहां के गेस्ट हाउस और होटल में भी ताले नहीं लगाए जाते। यहां आने वाले लोग खुले गेस्ट हाउस में ही रुकते हैं। इतना ही नहीं इस गांव में कहीं पर भी दरवाजे और तालों की दुकान तक नहीं है।

फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें- शिंगणापुर में क्यों है ऐसी मान्यता?
मान्यता क्या? शनिदेव करते हैं इस गांव की रक्षा !

Categories: 》दुनियां 360° | Tags: | Leave a comment

Blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: