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40 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं क्लास में डांस करती लड़की का ये वीडियो

डांस करती लड़की 》दुनियां 360° news Desk: स्कूल की मस्ती का कोई मुकाबला नहीं। 10वीं, 12वीं में जब आप टीनेज दौर में थे, कई ऐसी शरारतें जरूर की होंगी जो आपको आज भी गुदगुदाती होंगी। अगर तस्वीरें, वीडियो न हो तो आप ऐसी यादों को कैसे सहेज सकेंगे। अब इस वीडियो को ही देखिए। टीचर्स डे पर इस लड़की का डांस क्या कोई देख पाता अगर इंटरनेट न होता।

Indian girl dance in college – See HD | VIDEO
यू ट्यूब पर इस वीडियो को अब तक 40 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और यह अभी भी सुपरहिट बना हुआ है। कई सोशल साइट्स पर भी यह खूब शेयर किया जा रहा है, हद कर युवाओं के बीच। यह लड़की खूबसूरत तो है ही पर डांस भी जबर्दस्त किया है। वायरल हुए इस वीडियो को हम अपने रीडर्स के लिए लेकर आए हैं।
तो क्यों न आप भी देखें स्कूल की इस मस्ती को और याद कीजिए अपने भी लम्हों को…

ऐसे ही और मजेदार वीडियो देखने के लिए पर विजिट करें… fb.com/vijayrampatrika
Video: बहुत खतरनाक है ये सांप, हवा में उड़कर करता है शिकार
भारत में स्विट्जरलैंड की तर्ज पर बस रहा ये खूबसूरत शहर, देखें VIDEO
VIDEO: देखिए इस एक भेड़ ने दिया 40KG से ज्यादा ऊन, खतरे में थी जान .

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बेहद लय में दिलकश कविताएं | चुड़ैल | Geet·tarang

》Geet tarang Desk : हरिहर झा@Vijayrampatrika.com
————————————-»For you, this minor Editor's Blog. published by labor and Humane. Extremely Famous in Hindi.

नहीं बनाना मुझे सहेली-वहेली
खुश हूँ अपने आप में
अपने काम से काम
मेरा अंतर्मुखी स्वभाव इजाजत नहीं देता
यह क्या हो गया है मुझे पता नहीं
क्यों मैं अपने आप में सिमटती जा रही हूँ?
हार गई वह बेचारी
मेरा दुखी मन सहला-सहला कर
कितना मुश्किल है यह सब !

पर न उठी मेरे मन के गलियारे में
खुशियां और किलकारियां
तो सुना डाली उसने मुझे वह
टिमटिमाते तारों में छिपी कहानी
खोल दी अपनी अंतरंग दास्तान
चाहती तो बचा कर रख सकती थी
अपने पति को
जिसके पैरों की आहट थी
सौगात मेरे लिये
पर सहेलीनुमा विश्वास जीतने के लिये
भेजे ई-मेल
दिखा डाले उसने
अपने हनिमून पर लिये फोटो
कुछ विडम्बना ही हुई थी ऐसी
वह भी जानती है
उन फोटो में उसकी जगह पर
मैं हो सकती थी
पर अंगड़ाई ली समय ने
मैं पत्थर-दिल
सह गई सब कुछ
कब उठे और
कब अर्पित हुये भाग्य को
मेरे विद्रोह
एहसास भी न हुआ किसी छोर पर
पर अब मैं अनाप-शनाप
कुछ भी सोंचती हूँ
कि चुड़ैल है वह  !

पगला गई हूँ
नहीं जान पाती
कि क्यों चिड़ायेगी वह बच्चों की तरह
या जलायेगी मुझे
कि मेरा प्रेमी है उसके कब्जे में
भला क्यों छिड़केगी
जले पर नमक  ?
पर मैं हूँ कि कतराती हूँ
आँख चुराती हूँ उससे
अशिष्ट होती जा रही हूँ उसके साथ ।

— by Harihar Jha (hariharjhahindi.wordpress.com)
Tags: अशिष्ट, चुड़ैल, जले पर नमक, हरिहर झा।
》Geet tarang Desk: In this section you have see a collection of beautiful poems, pls singing and dive intovowels. And more Worth reading materials at: Www.vijayrampatrika.wordpress.com

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हे हिंदुत्व !! ये पक्तियां मन में गढ़ लेना ……

》Geet tarang Desk : प्रताप सोमवंशी@Vijayrampatrika.com
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बाबर हमलावर था मन में गढ़ लेना
इतिहासों में लिखा है पढ़ लेना
जो तुलना करते हैं बाबर-राम की
उनकी बुद्धि है निश्चित किसी गुलाम की|

राम हमारे गौरव के प्रतिमान हैं
राम हमारे भारत की पहचान हैं
राम हमारे घट-घट के भगवान् हैं
राम हमारी पूजा हैं अरमान हैं|

राम हमारे अंतरमन के प्राण हैं
मंदिर-मस्जिद पूजा के सामान हैं
राम दवा हैं रोग नहीं हैं सुन लेना
राम त्याग हैं भोग नहीं हैं सुन लेना|

राम दया हैं क्रोध नहीं हैं जग वालो
राम सत्य हैं शोध नहीं हैं जग वालों
राम हुआ है नाम लोकहितकारी का
रावण से लड़ने वाली खुद्दारी का|

दर्पण के आगे आओ
अपने मन को समझाओ
खुद को खुदा नहीं आँको
अपने दामन में झाँको|

याद करो इतिहासों को
सैंतालिस की लाशों को
जब भारत को बाँट गई थी वो लाचारी मजहब की
ऐसा ना हो देश जला दे ये चिंगारी मजहब की|

आग कहाँ लगती है ये किसको गम है
आँखों में कुर्सी हाथों में परचम है
मर्यादा आ गयी चिता के कंडों पर
कूंचे-कूंचे राम टंगे हैं झंडों पर|

संत हुए नीलाम चुनावी हट्टी में
पीर-फ़कीर जले मजहब की भट्टी में
कोई भेद नहीं साधू-पाखण्डी में
नंगे हुए सभी वोटों की मंडी में|

अब निर्वाचन निर्भर है हथकंडों पर
है फतवों का भर इमामों-पंडों पर
जो सबको भा जाये अबीर नहीं मिलता
ऐसा कोई संत कबीर नहीं मिलता|

जिनके माथे पर मजहब का लेखा है
हमने उनको शहर जलाते देखा है
जब पूजा के घर में दंगा होता है
गीत-गजल छंदों का मौसम रोता है|

मीर, निराला, दिनकर, मीरा रोते हैं
ग़ालिब, तुलसी, जिगर, कबीरा रोते हैं
भारत माँ के दिल में छाले पड़ते हैं
लिखते-लिखते कागज काले पड़ते हैं|

राम नहीं है नारा, बस विश्वाश है
भौतिकता की नहीं, दिलों की प्यास है
राम नहीं मोहताज किसी के झंडों का
सन्यासी, साधू, संतों या पंडों का|

राम नहीं मिलते ईंटों में गारा में
राम मिलें निर्धन की आँसू-धारा में
राम मिलें हैं वचन निभाती आयु को
राम मिले हैं घायल पड़े जटायु को|

राम मिलेंगे अंगद वाले पाँव में
राम मिले हैं पंचवटी की छाँव में
राम मिलेंगे मर्यादा से जीने में
राम मिलेंगे बजरंगी के सीने में|

राम मिले हैं वचनबद्ध वनवासों में
राम मिले हैं केवट के विश्वासों में
राम मिले अनुसुइया की मानवता को
राम मिले सीता जैसी पावनता को|

राम मिले ममता की माँ कौशल्या को
राम मिले हैं पत्थर बनी आहिल्या को
राम नहीं मिलते मंदिर के फेरों में
राम मिले शबरी के झूठे बेरों में|

मै भी इक सौंगंध राम की खाता हूँ
मै भी गंगाजल की कसम उठाता हूँ
मेरी भारत माँ मुझको वरदान है
मेरी पूजा है मेरा अरमान है|

मेरा पूरा भारत धर्म-स्थान है
मेरा राम तो मेरा हिंदुस्तान है…
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आपको भारत पसंद है या INDIA, इन पंक्तियों से समझें, जवाब……

》Geet tarang Desk : प्रताप सोमवंशी@Vijayrampatrika.com
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भारत में गांव है, गली है, चौबारा है।
इंडिया में सिटी है, माल है, पंचतारा है।
भारत में घर है, चबूतरा है, दालान है।
इंडिया में फ्लैट और मकान है।

भारत में काका है, बाबा है, दादा है, दादी है।
इंडिया में अंकल आंटी की आबादी है।
भारत में खजूर है, जामुन है, आम है।
इंडिया में मैगी, पिज़्ज़ा,माजा का नकली आम है।

भारत में मटके है, दोने है, पत्तल है।
इंडिया ­ ­में पोलीथीन, वाटर व वाइन की बोतल है।
भारत में गाय है, गोबर है, कंडे है।
इंडिया में सेहत नाशी चिकन बिरयानी व अन्डे है।

भारत में दूध है, दही है, लस्सी है।
इंडिया में खतरनाक विस्की, कोक व पेप्सी है।
भारत में रसोई है, आंगन है, तुलसी है।
इंडिया में रूम है, कमोड की कुर्सी है।

भारत में कथड़ी है, खटिया है, खर्राटे है।
इंडिया में बेड है, डनलप है और करवटें है।
भारत में मंदिर है, मंडप है, पंडाल है।
इंडिया में पब है, डिस्को है, हॉल है।

भारत में गीत है, संगीत है, रिदम है।
इंडिया में डांस है,पॉप है, आइटम है।
भारत में ममेरी, फुफेरी, चचेरी बहन है।
इंडिया में सब के सब कजन है।

भारत में पीपल है, बरगद है, नीम है।
इंडिया में ड्राइंग रूम की वाल पर ये सीन है।
भारत में आदर है, प्रेम है, सत्कार है।
इंडिया में स्वार्थ, नफ़रत और दुत्कार है।

भारत में हजारो भाषा है, बोली है।
इंडिया में एक अंग्रेजी ही बडबोली है।
भारत सीधा है, सहज है, सरल है।
इंडिया धूर्त है, चालाक है, कुटिल है।

भारत में संतोष है, सुख है, चैन है।
इंडिया बदहवास, दुखी, बेचैन है।

क्यों कि ……………….
भारत को देवों ने, वीरों ने रचाया है।
इंडिया को लालची अंग्रेजों ने बसाया है।
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