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5500 नहीं, 8000 साल पुरानी है सिंधु घाटी सभ्यता, ऐसे हुई थी नष्ट

know about Ancient Indus Valley Civilization, who ended because of weaker monsoonदुनियां 360° news Desk: प्राचीन भारत की सिंधु घाटी सभ्यता 5,500 साल नहीं बल्कि करीब 8 हजार साल पुरानी है। यह सभ्यता सिर्फ हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और लोथल व धोलावीरा तक ही सीमित नहीं थी, वरन् इसका विस्तार लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के किनारे या घग्गर-हाकरा नदी तक था।

आईआईटी खडग़पुर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में यह दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने 3,000 वर्ष इस सभ्यता के लुप्त होने के कारणों का भी पता लगा लिया है। संभवत: मौसम में बदलाव के चलते यह सभ्यता विलुप्त हो गई थी।

दिए गए फोटोज छुएं और अंदर स्लाइड्स में जानें..
– क्यों और कैसे उजड़ गए सिंधु घाटी सभ्यता के शहर
– भारतीय शोधार्थियों ने कैसे 6 हजार साल पुराने पॉटरी ढूंढ निकाले
… तो मिस्र और मेसोपोटामिया से भी पुरानी है सिंधु-सभ्यता

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भारत में चले थे सबसे पहले परमाणु अस्त्र? इस थ्योरी पर अमेरिकन ने किए बम टेस्ट

》दुनियां 360° Desk: खबरों में परमाणु हथियारों के जखीरे देख लगता है कि तीसरा विश्व युद्घ होने वाला है। आज अमेरिका सहित कर्इ देशों के पास विनाशकारी बम मौजूद हैं। इन हथियारों का केवल परीक्षण ही नहीं हुआ, बल्कि इनकी विभीषिका भी सामने आ चुकी है। जापान, पश्चिम एशिया, अफगानिस्तान में अमेरिका ने परमाणु अस्त्र यूज किए। जिनकी बदौलत वह, हजारों किलोमीटर Top Powerful Spiritual & Physical Weapons from Ancient दूर रहते हुए भी दुश्मन पर काबिज हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं, परमाणु अस्त्र सबसे पहले कहां प्रयोग किए गए थे, प्रथम परमाणु बम कहां बना था?

हिंदुधर्म ग्रंथ महाभारत में ऐसे कर्इ सवालों के जवाब मिलते हैं। जिनमें सर्वप्रथम विमान उडा़ने से लेकर परमाणु अस्त्रों द्वारा लडी़ लडाइयां प्रमुख हैं। मगर दुनिया इस बात से कभी रूबरू नहीं हुर्इ कि विनाशकारी अस्त्र-शस्त्र सर्वप्रथम भारत में ही बने। लेकिन अमेरिका के सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी जे. रॉबर्ट ओपनहाइमर ने दुनिया को यह बताने की कोशिश की। रॉबर्ट ने गीता-महाभारत के अध्ययन के बाद अपने शोध में स्पष्ठ कर दिया कि, ऐसे हथियार महाभारत के दौरान चले थे।

Vijayrampatrika.com आज़ यहां आपको महाभारतकाल की वो बातें बताने जा रहा है, जो कम ही लोग जानते होंगेे। कहां सबसे पहले क्यों परमाणु अस्त्र-शस्त्रों का यूज हुआ,
कितने विनाशकारी थे तब के हथियार, कैसे उन्हें प्राप्त किया जाता था. जानिए इधर…..

जब अमेरिका ने बनाया परमाणु बम
Ancient Weapons of Mass Destruction & The Mahabharata
सन, 1939 से 1945 के बीच जे. रॉबर्ट ने महाभारत में बताए गए ब्रह्मास्त्र की संहारक क्षमता पर रिसर्च किया। वैज्ञानिकों की टीम ने इस मिशन को ट्रिनिटी (त्रिदेव) नाम दिया। जिसके फलस्वरूप 16 जुलाई (1945) के दिन उन्होंने परमाणु बम का परीक्षण किया। इसी तरह 1969-70 के दौरान पुणे के एक राइटर डॉ. पद्माकर विष्णु वर्तक ने एक किताब लिखी ‘स्वयंभू’। जिसमें वर्तक ने कहा था कि महाभारत के समय जो ब्रह्मास्त्र इस्तेमाल किया गया था वह परमाणु बम के समान ही था। उससे पहले रामायणकाल में भी ब्रह्मास्त्र का वर्णन मिलता है, यानि प्राचीन भारत में महाविनाशकारी अस्त्र सबसे पहले अस्तित्व में आए।

गैलरी के फोटोज़ पर क्लिक करके अंदर स्लाइड्स में पढें परमाणु अस्त्रों की प्राप्ति, विकास और इस्तेमाल से जुडी़ बातें…..

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दुनिया में कलंकित 10 देश, जहां होते हैंं सबसे ज्यादा RAPE

》दुनियां 360° news Desk: एक ओर जहां देश में महिलाओं को नौकरी में रियायत और बच्चियों को सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने की बात की जा रही है, वहीं दरिंदों की दुनिया में भारत शीर्ष पर है। आए दिन टीवी – अखबारों में वीमंस के साथ छेड़-छाड़, यौनशोषण, घरेलू हिंसा और हत्या के मामले सुनने को मिल रहे हैं।

हाय रे! रेप से कलंकित दुनिया के इन 10 देशों में भारत भी है शामिलबहुत सारे इंटरनेट पोल और सर्वेज में महिलाओं के लिए भारत की छवि कलंकित हुर्इ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर दिन औसतन 93 महिलाएंलात्कार का शिकार होती हैं। यह स्थिति भी तब के बाद की है, जब दिल्ली में निर्भया कांड के बाद लोग काफी सजग हुए। महिलाओं के प्रर्दशन और कर्इ संस्थाओं ने छेड़छाड, रेप और हत्या के खिलाफ आवाज भी उठार्इ है, लेकिन दरिंदों को शायद शर्म, लज्जा और पापकर्म नाम के कोर्इ चीज नहीं होती।

Vijayrampatrika.com आज यहां दुनिया के उन देशों का ब्योरा आपको देने जा रहा है, जहां सुरक्षा व सम्मान के लिहाज से महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। इन कंट्रीज में जबरन सेक्स, छेड़छाड और हत्या के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। यह रिपोर्ट worldknowing.com, more.com, sevenarticle.com, wonderslist.com, timesofindia, wiki और National Crime Records Bureau के आधार पर तैयार की गर्इ है।
दुनिया में सबसे संस्कारवान और औरत को पूजने के लिए जाना जाने वाला हिंदुस्तान इस मामले में शायद सबसे क्रूर और बेशर्म है……

1. अमेरिका/US is the highest rape crime country in the world
दुनिया का सुपर पावर यह देश बलात्कार के मामले में भी पहले स्थान पर है। अमेरिकी न्याय सांख्यिकी ब्यूरो (BJS) के मुताबिक यहां रेपिस्ट में 99% अनुपात पुरुषों का है। सभी पीडितों में 91% महिलाएं हैं जबकि 9% पुरुष हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, हर 6 में से एक अमेरिकी महिला और 33 में से हर एक पुरुष को अपने जीवनकाल में रेप या यौन-शोषण के प्रयास का पूरा अनुभव है। कालेज के दिनों में 14 साल की एज के अराउंड एक चौथार्इ से अधिक महिलाएं इस दौर से गुजरती हैं। आउट ऑफ ऑल, कुल मामलों में से केवल 14% की रिपोर्ट होती है। यह बात भी ध्यान देने वाली है कि अमेरिका में बलात्कार आउटडोर नहीं बल्कि अधिकांश मामले घरों के अंदर से जुडे हैं।

फोटोज छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें: सबसे तेजी से भारत में बढ़ रहे हैं रेप के मामले, देखा जाए तो सबसे ज्यादा बलात्कार की शिकार महिलाएं यहीं…

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देखिए पाकिस्तान में ऐसा है मंदिरों का हाल, सैकडों तोडे़ और बना लिए बैरक

देखिए पाकिस्तान में मंदिरों का है ऐसा हाल, सैकडों तोडे़ और बनवा दीं मस्जिदें 》दुनियां 360° news Desk: पिछले कुछ महीनों से हिंदुस्तान में इंटोलरेंस के उछलते मुद्दे पर शोसल यूजर्स का टकराव जारी है। इनमें शाहरुख, आज़म और आमिर खां जैसे प्रतिष्ठ लोगों ने देश को अहिष्णु मुल्क करार दिया था। लेकिन ऐसे बुद्घजीवियों को इस्लामियत के तहत हो रही अमानवीय गतिविधियां नहीं दिखतीं।

बता दें कि सबसे प्राचीन सभ्यता और सहिष्णु मुल्कों में से एक हिंदुस्तान में लाखों मंदिर-गुरुद्वारे हैं, फिर भी यहां मस्जिदों की संख्या किसी भी इस्लामिक राष्ट्र से अधिक है। लेकिन कभी हमारा ही टुकडा़ रहे पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) का जो हाल है, वो रोज-रोज बयां नहीं किया जा सकता। बंटरवारे के बाद वहां मौजूद सैकडों मंदिर तोड़ दिए गए और मस्जिदें बनवा दीं। हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने सीमा से सटे एक और मंदिर को बकंर के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

Vijayrampatriika.com ऐसे में आपको दिखा रहा है पाक में मौजूद कुछ प्रमुख मंदिरों की झलक, जो अभी बाकी हैं। याकि सुरक्षित हैं …..

1. कटासराज मंदिर,
Katas Raj – Ancient Hindu Temple in Pakistan
कटास संस्कृत के कटाक्ष शब्द का अपभ्रंश है जिसका अर्थ होता है आंखें, नेत्र। कहा जाता है कि पार्वती जी के वियोग में शिवजी ने जब रूदन किया था तो उनके रूदन से धरती पर दो कुंड बन गये थे। इनमें से एक कुंड पुष्कर में ब्रह्म सरोवर के रूप में मौजूद है, जबकि दूसरा सरोवर कटासराज मंदिर परिसर में मौजूद है। शिवजी की आंख से निकले आंसू से बने इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से मनुष्य के रोग और दोष दूर हो जाते हैं। 1947 में देश विभाजन की मार सबसे अधिक इस मंदिर और सरोवर पर भी पड़ी और न तो मंदिर का रखरखाव किया गया और न ही सरोवर का। पिछले साल तो एक रपट आई थी कि सरोवर का पानी एक सीमेन्ट कारखाना को दिया जा रहा है। जाहिर है पाकिस्तान के लिए इस सरोवर का इससे अधिक और कोई महत्व भी नहीं है।

लेकिन खुद कटासराज मंदिर परिसर का यह सरोवर कितना महत्वपूर्ण है वह इसके जल से समझा जा सकता है। जर्नलिस्ट अहमद बशीर ताहिर ने अपनी ‘डाक्युमेन्ट्री’ में इस बात का जिक्र किया है कि यहां सरोवर का पानी दो रंग का है। एक हरा, और दूसरा नीला। जहां सरोवर का पानी हरा है वहां सरोवर की गहराई कम है, लेकिन जहां सरोवर बहुत गहरा है वहां पानी गहरा नीला है। लाख उपेक्षा के बाद भी आज भी इस सरोवर का पानी बहुत स्वच्छ है।

फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें पाक के अन्य मंदिरों के बारे में...

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इन पहाड़ियों छिपी हैं जवां बनाए रखने वाली आैषधि, एक ज्वालामुखी भी

》दुनियां 360° news Desk: ‪‎हिमालय माउंटेन्स सहित हिंदुस्तान में कर्इ पहाडियां हैं जो अपने अतीत से ही महत्व रखती हैं। इनमें किसी के पत्थर की पूजा करना शामिल है तो कहीं जडी़-बूटियों का मिलना आम है। आज़ हम आपको बताएंगे उन ‎Hill‬s के बारे में जो हजारों साल से मौजूद हैं अपने चमत्कारिक स्तंभ लिए:-

Dosi hill mystery and secretsइन पहाडियों में छिपे हैं बहुत से राज !
SACRED MOUNTAINS OF INDIA/ ‘Dhosi ki Pahadi’
हरियाणा से राजस्थान के मरूभूमि तक फैली अरावली पर्वत श्रंखला में वैसे तो कर्इ छोटे-बडे़ पहाड़ हैं, जो या तो अपने मंदिर परिसर के कारण चर्चित हैं या फिर हरियाली और किलों के लिए प्रसिद्घ। लेकिन इनमें से एक ‘धोसी पहाडी़’ अपने रहस्यों के लिए जानी जाती है। तमाम रिसर्चों में पाया गया है कि इन पहाडियों में आयुर्वैदिक औषधियों की भरमार है,
चव्यनप्राश और शंखपुष्पी जैसे प्रोडक्ट भी यहीं से निकले थे। कहा जाता है कि यह पहाडी़ हजारों साल से हैं और कर्इ अमृततुल्य वनस्पतियां घास-करीलों में ही छिपी हुर्इ हैं। तमाम तथ्यों की पड़ताल के लिए हाल ही में Vijayrampatrika.com की टीम धोसी हिल्स के बीच पहुंची और वहां जो पाया, उस पर जियोलॉजिकल एक्सपर्ट से बातकर आपके लिए कंटेट जुटा लिया।

यहां ऋषि-मुनि करते थे तप
हरियाणा में कुरूक्षेत्र को तो सब जानते ही हैं जहां महाभारत युद्घ हुआ लेकिन शायद कम ही लोगों को पता होगा कि भिवानी की धोसी पहाडियां भी ऋषि-मुनियों की आवासस्थली रही हैं। इन पहाडियों पर ही छोटे-छोटे आश्रम बने होते थे और आहार-विहार के रूप में यहां पौधों से प्राप्त खाद्य और जडी़-बूटियों का प्रयोग किया जाता था। ब्रह्राव्रत रिसर्च फाउंडेशन सहित कर्इ भूगर्भीय जानकारों ने भी यहां कुछ औषधियों की खोज की थी।

फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें: क्या छुपा हो सकता है धोसी पहाडियों में?
क्यों हेमचंद्र विक्रमादित्य राजा ने बनवाया यहां किला?
5000 साल पुराना धूंसरा गांव, लेकिन अब तक नहीं फटा ज्वालामुखी !
क्या इन्हीं पहाडियों की तलहटी मेंं छिपा है इंसान के जवां रहने का राज?

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