यहां श्रीकृष्ण ने दर्शन दिए थे शनिदेव को, बहुत प्राचीन है सिद्धपीठ

यहां श्रीकृष्ण ने दर्शन दिए थे शनिदेव को》जीवन दर्शन Desk: भारत में स्थित सिद्ध शनि मंदिरों में भक्तगणबड़ी श्रद्धा और आदर के साथ शनि पीड़ा को कम करने के लिए अपना सिर झुकाते है। ऐसा ही एक मंदिर उत्तर प्रदेश में ब्रजमंडल के कोसीकलां टाउन के पास स्थित है। यह सिद्धपीठ कोसी से 6 किलोमीटर दूर है और नंद गांव से सटा हुआ है। यह शनि मंदिर भी दुनिया के प्राचीन शनि मंदिरों में से एक है। यहां मांगी मुराद बड़ी जल्दी पूरी होती है।

Vijayrampatrika.com आपको शनि जयंती (5/6/2016) के उपलक्ष्य में शनिदेव और उनसे जुडे़ तीर्थों के बारे में बता रहा है। इस आर्टिकल में आप देख रहे हैं वह स्थल, जहां शनिदेव ने कोयल बनकर कृष्णलीला देखी…

लोक मान्यता है कि यहां खुद भगवान श्रीकृष्ण ने शनिदेव को दर्शन दिए थे और कहा था कि जो भी पूरी श्रद्धाभक्ति के साथ इस वन की परिक्रमा करेगा उसे शनि कभी कष्ट नहीं पहुचाएंगें। यहां हर शनिवार को भारी भीड़ होती है। कहते हैं कि यहां राजा दशरथ द्वारा लिखा शनि स्तोत्र पढ़ते हुए परिक्रमा करनी चाहिए। इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है।

कैसे पहुचें- कोसीकलां जाने के लिए मथुरा सबसे आसान रास्ता है। मथुरा-दिल्ली नेशनल हाइवे पर मथुरा से 21 किलोमीटर दूर कोसीकलां गांव पड़ता है। कोसीकलां से एक सड़क नंदगांव तक जाती है। बस यहीं से कोकिला वन शुरू हो जाता है।

आसपास के दर्शनीय स्थल- यूं तो पूरा ब्रजमंडल ही देखने लायक है। 84 कोस की परिक्रमा में आप पूरा ब्रजमंडल घूम सकते हैं। श्रीकृष्ण की लीलाओं के कारण पूरा ब्रजमंडल ही कृष्णमय लगता है। जनमाष्टमी पर तो यहां की रौनक देखते ही बनती है।

कोकिलावन में शनिदेव से जुडी़ पूरी कहानी यहां पढे़ं। देखें भारत में प्रमुख तीर्थस्थल
शनिदेव और बजरंग बली का रोचक प्रसंग
शनिदेव को प्रसन्न करने के मंत्र

Advertisements
Categories: 》हमारौ ब्रज | Tags: | Leave a comment

Post navigation

Call or paste your point here.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Create a free website or blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: