अमेरिका ने माना भारतीय हेलिकॉप्टर का लोहा, कहा- ये अफगानिस्तान में बडे़ मददगार

Mil Mi-35M, military helicopters》दुनियां 360° news Desk: भारतीय मिलिट्री हेलिकॉप्टर्स का सुपर पावर अमरीका भी लोहा मानता है। यही कारण है कि अफगानिस्तान में यूएस मिलट्री के एक शीर्ष अधिकारी जॉन कैम्पबेल ने एमआई-35 हेलिकॉप्टर को आतंकियों के खिलाफ अभियान में जरूरी बताया है। जॉन ने कहा कि इनसे काबुल को बहुत मदद मिली है।

करीब 15 सालों से अफगानिस्तान में आतंकियों के खिलाफ डेरा डाले अमेरिकी सैनिक वापिस होने लगे हैं, जिनकी कमान पिछले डेढ़ साल से जनरल जॉन कैम्पबेल के हाथों में रही और अब वह रिटायर होने वाले हैं। भविष्य में अफगानी सुरक्षाबलों की मजबूती के संदर्भ में जॉन यूएस-कांग्रेस की एक डिबेट में जॉन ने कहा कि अब उनके पास भारत से मिले 3 एमआई-35 हेलीकॉप्टर हैं, जिनसे उनके अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने ‘हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी’ के मेंबर्स को बताया कि भारत उन्हें चौथा हेलीकॉप्टर भी जल्द देगा, जिसमें 2से 6 हल्की मिसाइलें और कई सैनिकों को ले जाने की क्षमता है। बता दें कि जॉन के रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल जॉन निकोल्सन का सलेक्शन किया है।

काबुल को तोहफे में मोदी ने दिए थे हेलिकॉप्टर
दिसंबर में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अफगानिस्तान यात्रा में भारत और अफगानिस्तान के बीच वहां से उग्रवादियों को उखाड फेंकने के सैन्य सहयोग समझौता हुआ था। जनवरी में भारत ने अफगान एयरफोर्स को बहुभूमिका वाले कई एमआई- 35 लड़ाकू हेलीकॉप्टर दिए थे। इससे सुरक्षा बलों को तालिबान, अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों खिलाफ ऑपरेशन में खासी मदद मिली है। भारत के तोहफे की अफगान सरकार, वहां के लोगों के साथ-साथ अमरीका ने भी सराहना की है।

अमरीका ने कैसे माना भारतीय हेलीकाप्टर्स का लोहा
– पिछले कुछ सालों में भारत और अमरीका के बीच सामरिक सहयोग एवं मिलिट्री एक्सरसाइज में तेजी आई है। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने फाइटर प्लेन्स, परमाणु पनडुब्बियों और हेलिकॉप्टर्स को एक-दूसरे के समक्ष प्रस्तुत किया। जिनमें एमआई कैटेगरी के हेलिकॉप्टर भी एक हैं।
– अमरीका और अन्य पश्चिमी देशों की सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी हो रही है, कुछ ही विदेशी सैनिक काबुल में मौजूद रहेंगे। इसी बीच अफगानिस्तान ने भारत से सहयोग मांगा है। भारतीय दूतावास सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षाबल अफगानी-बलों को ट्रेंड कर रहे हैं। इससे अमरीका को भारतीय हेलिकॉप्टर्स की दक्षता दिखी।
– हालांकि भारत, अमरीका की तरह अफगानिस्तान में सेना भेजेगा, इस पर अभी संशय है। चूंकि ऐसा कदम उठाना आसान नहीं है, फिर भी मोदी के हालिया दौरे से भारत ने अफगानिस्तान में स्थिरता बनाए रखने में मदद का एलान किया है।
– अमरीका का भारत की ओर झुकाव बढ़ा है। हो सकता है वह भारत से अफनिस्तान में उग्रवादियों के खिलाफ हस्तक्षेप करने को कहने लगे।

क्यों खास है एमआई-35
– एमआई-35 भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया बड़ा और आधुनिक सैन्य हेलिकॉप्टर है।
– यह एमआई..24 का समग्र उन्नत स्वरूप है, जिसमें सैनिकों को ले जाने की क्षमता के साथ-साथ तोपें भी लगी हैं।
– यह हेलीकाॅप्टर 17 मीटर लंबा, 6.5 मीटर ऊंचा और 11.5 टन वजन ढोने में सक्षम है।
– इसकी फेरी रेंज 1000 किमी तक है, इस पर टू बैरल 23 एमएम की कैनन लगी हैं।
– यह 310 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और 400 किमी की रेंज में रॉकेट भी दाग सकता है।
– यूएस-कांग्रेस के रॉब विटमेन के सवालों में इन हेलीकॉप्टर्स का जिक्र हुआ। तब जॉन ने कहा कि अफगानी इलाकों के अनुरूप एमआई-35 में उड़ान भरने की खासियतें हैं।

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