देखिए इस गांव के घरों में नहीं हैं गेट, लोग खुले में रखते हैं पैसे और जेवर.. !

House with door jamb but no door!》360° News Desk: हिंदुस्तान में 6 लाख से अधिक गांव हैं, जिनमें 60 करोड़ से अधिक आबादी निवास कर रही है। हर गांव की माटी और रीति-रिवाजें उन्हें खास बनाती है। देश में कुछ गांव ऐसे भी हैं जो न केवल साफ-सफार्इ में आगे हैं बल्कि रहना-कमाना भी शहरों से अच्छा है। इनके अलावा ऐसे गांवों की भी कमी नहीं है जो अपनी सालों से चली आ रही अनूठी परंपराओं पर चले अा रहे हैं। बाहर के लोगों के लिए वास्तव में ये बेहद अजीब हो सकते हैं, ऐसे में आपका भी जानना जरूरी है…..

ये भी पढें: इन गांवों में महिलाएं नहीं मनाती करवाचौथ, ऐसा क्याें हुआ है?
जब सुंदरी बन कान्हा को दूध पिलाने आर्इ ये राक्षसी, मरकर इस गांव में गिरी
बेहद भयानक हैं इस गांव के जंगल, जिसने काटके बेची लकडी़, हो गर्इ मौत
भारत का ये गांव है एशिया में सबसे साफ-सुथरा, सिर्फ अंग्रेजी में होती है बात
पीएम मोदी का ये है गांव, अाज ऐसे दमक रहा है जैसे द्वारका ही हो !

यहां घरों में नहीं हैं गेट, लोग खुले में ही रखते हैं पैसा और जेवर
Shani Shingnapur, A Village without Door Protection
महाराष्ट्र के शिंगणापुर गांव की खासियत ये है कि यहां के किसी घर में दरवाजा नहीं लगाया जाता है। सभी घर बिना दरवाजे के ही हैं। लोग अपना कीमती सामान ( जेवर और पैसा) किसी अलमारी या तिजोरी में भी नहीं रखते। इसके अलावा यहां के गेस्ट हाउस और होटल में भी ताले नहीं लगाए जाते। यहां आने वाले लोग खुले गेस्ट हाउस में ही रुकते हैं। इतना ही नहीं इस गांव में कहीं पर भी दरवाजे और तालों की दुकान तक नहीं है।

फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें- शिंगणापुर में क्यों है ऐसी मान्यता?
मान्यता क्या? शनिदेव करते हैं इस गांव की रक्षा !

Advertisements
Categories: 》दुनियां 360° | Tags: | Leave a comment

Post navigation

Call or paste your point here.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Create a free website or blog at WordPress.com.

%d bloggers like this: