सुबह से शाम तक धूप के साथ बदलता है रंग, इसे कहते हैं Golden Fort

visit in Jaisalmer city》WORLD TOURISM Desk: किले-महलों का इतिहास समेटे हुए राजस्थान की संस्कृति अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इसने सदा ही अपनी प्राचीनता और खूबसूरती से लोगों को प्रभावित किया है। यहां के किले वर्ल्ड फेमस हैं, जिनमें से कर्इ मरुस्थल के बीच भी स्थित हैं। ऐसे ही जैसलमेर में स्थित एक अनूठे किले की सैर हम आज़ आपको कराएंगे।

हवेलियों और झरोखों की नगरी
भारत के सबसे गर्म शहरों में से एक जैसलमेर राजस्थान के पश्चिमी छोर पर थार मरुस्थल में बसा है। रेतीली जमीन पर बसा होने की वजह से जैसलमेर को पहले ‘मेर’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘राजस्थान के अंडमान’ के अलावा ‘ हवेलियों और झरोखों की नगरी ‘ भी कहा जाता है। वैसे तो यहां देखने लायक बहुत कुछ है लेकिन गोल्डन फोर्ट के चर्चे दुनियाभर में होते हैं।

सोने का किला/ (Sonar Quila or Golden Fort)
जैसलमेर में अमर सागर पोल के निकट किले पर जैसे ही सुबह सूरज की किरणें पड़ती हैं, सोने की तरह चमकता है। इसलिए इसे सोनार का किला या गोल्डन फोर्ट कहते हैं। वैसे रेगिस्तान के बीच में होने से इसे रेगिस्तान का दुर्ग भी कहा जाता है। यह दुनिया के बड़े किलों में से एक है। इसमें चारों ओर 99 गढ़ बने हुए हैं। यह करीब ढार्इ सौ फीट ऊंचार्इ पर स्थित है। अपनी बेजोड़ स्थापत्य कला, शिल्प और नक्काशी के चलते देश के सभी किलों में यह अपना अहम स्थान रखता है।

फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड़स में जानें किसने व कब बनवाया इसे?
दुश्मन को क्यों नहीं दिखता था इस किले का द्वार, आप कब और कैसे पहुंचें?

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