अमावस पर ही क्यों होती है लक्ष्मी पूजा, ये हैं शास्त्रों में बताई गई बातें

Why do people worship Lakshmi and Ganesh on Diwali 》जीवन दर्शन Desk: प्राचीन समय में समुद्र मंथन हुआ था और उसमें प्रकट हुए 14 रत्नों में से देवी लक्ष्मी थीं। लक्ष्मी का प्राकट्य कार्तिक मास की अमावस को ही हुआ था। इसीलिए इस दिन उनकी पूजा की जाती है। यह त्योहार दीपावली के रूप में मनाया जाता है। जानिए दीपावली के महत्व और लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय के बारे में…

अकाल मृत्यु का भय दूर होता है
पांच दिवसीय दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है। इस दिन धनवंतरि का प्रगट दिवस मनाकर आयु तथा आरोग्य, स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में प्रार्थना, चिंतन व मनन किया जाता है। शाम को यम के प्रति हर घर में दीप का दान इस भाव से किया जाता है कि किसी को भी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताए। इस दिन वर्षभर के लिए आवश्यक बर्तनों की खरीदारी भी शुभ चौघडि़ए में की जाती हैं।

लक्ष्मी को धन एवं ऐश्वर्य की देवी के रूप में पूजा जाता है। धन संपदा का हमारे जीवन में बहुत महत्व है, इसके बिना कोई भी काम नहीं हो सकता। समुद्र मंथन में जिन 14 रत्नों की प्राप्ति हुई, उनमें लक्ष्मी यानी धन संपत्ति की देवी भी थीं। वह समृद्धि, ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। इसी तरह समुद्र मंथन के दौरान ही धनवंतरि भी उद्घाटित हुए जिससे जीवन मूल्यों, जीवन जीने की संहिताएं व स्वास्थ्य सुदृढ़ बनाने के उपाय व्यवहार में लाए गए।

दिए गए फोटोज़ छुएं और अंदर स्लाइड्स में पढें महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के कुछ खास उपाय…
दीपावली से जुडी़ जानकारी के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें –
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