हज में हादसा: एक दर्जन से ज्यादा भारतीयों की मौत, जब-जब हुर्इं घटनाएं

मक्का हादसा: भगदड़ में मरने वालों में 14 भारतीय》दुनियां 360° news Desk: सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में हर साल दुनिया भर से आने वाले लाखों जायरीनों में भारतीयों की संख्या सर्वाधिक होती है। इस दौरान यहां सुरक्षा व रख-रखाव की व्यवस्था का खास ख्याल रखा जाता है। लेकिन फिर भी हाजियों के सैलाब में कहीं न कहीं हुर्इ चूक हादसे का सबब बन ही जाती है। मक्का के निकट मिना शहर पिछले कर्इ सालों से हादसों का केंद्र बन बैठा है,
इस बार भी ईद-उल-जुहा के मौके पर यहां भगदड़ में काफी मुसलमानों की जान चली गर्इ। डालते हैं एक नजर…

कहां मरे हाजी
इस्लाम धर्म के स्वर्ग के रूप में विख्यात सउदी के मक्का में हज को गए हाजी संख्या में लाखों थे। 24 सितंबर (2015) को यहां शैतान को पत्थर मारने की रस्म के दौरान भगदड़ मची। हादसा मीना के 204 स्ट्रीट पर जमारात ब्रिज पर करीब 10.00 बजे (लोकल टाइम) हुआ।

कैसे हुआ हादसा
– जमारात ब्रिज 5 मंजिला इमारत है, जिसके अंदर से रास्ता गुजरता है। क्षमता के अनुसार, 3 लाख लोग यहां कुछ देर ठहर सकते हैं।
– ब्रिज के पास होती है हज की एक रस्म। जिसे शैतान को पत्थर मारना कहा जाता है। हादसे के वक्त ब्रिज के एंट्री गेट से एक किमी दूर तक थी हाजियों की भीड़।
– जमारात ब्रिज के एंट्री प्वॉइंट पर बैठा था हाजियों का एक ग्रुप। इसी बीच दूसरा ग्रुप वहां पहुंचा।
– धक्का-मुक्की की वजह से दूसरे ग्रुप के हाजी पहले से बैठे लोगों पर चढ़ गए।
– भगदड़ मची और लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। कुछ ही मिनट में वहां लाशें ही लाशें बिछ गर्इं।

UPDATE: At least 717 killed, 805 injured in Mecca stampedeसउदी अरब ने जारी किए आंकडे़
– सऊदी सिविल डिफेंस डायरेक्टोरेट के मुताबिक इस बार 16,74,206 जायरीन इस बार यहां एकत्रित हुए। भारतीयों की संख्या इनमें सर्वाधिक 1,36,000 थी।
– 4,000 राहतकर्मी और 220 एंबुलेंस बचाव कार्य में जुटे हादसे के बाद।
– 717 मौतों की पुष्टि हुर्इ, इनमें 14 भारतीय शामिल थे।
– 863 गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या, इनमें 13 भारतीय।

यह हादसा बीते 25 सालों में सबसे भयावह
– हज के दौरान बीते 25 साल का यह सबसे भीषण हादसा हुआ। 25 सालों में हादसों में 2788 जायरीन जान गंवा चुके हैं।
– जुलार्इ 1990 में हज के दौरान मक्का में भगदड के चलते 1426 जायरीन मारे गए थे।

पहले भी हो चुका है हादसा
2006 में 12 जनवरी को भी शैतान को पत्थर मारने की घटना के दौरान भगदड़ मची थी, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि मक्का के बाहरी इलाके मीना में शैतान को पत्थर मारने का रिवाज है। इस दौरान हज यात्री सात पत्थर तीन बार शैतान को मारते हैं।

Hajj stampede: At least 717 killed in Saudi Arabiaक्यों मारा जाता है पत्थर?
मक्का में पत्थर मारना शैतान के विरोध का प्रतीक है। शैतान का प्रतीक तीन विशाल खंभों के रूप में मौजूद है। यहां हज यात्री कंकड़ इकट्‌ठा करते हैं और उन्हें खंभों पर मारते हैं।

पहले कब हुए हादसे?
– 1987 : ईरानी श्रद्धालुओं और सऊदी गवर्नमेंट के बीच झड़प में 402 लोगों की मौत और 650 लोग घायल।
– 1989 : मक्का में दो बम ब्लास्ट में एक की मौत, 16 घायल।
– 1990 : भगदड़ में 1426 लोगों की मौत।
– 1994 : पत्थर मारने की रस्म के दौरान भगदड़ से 270 लोगों की मौत।
– 1997 : आग लगने से 340 से ज्यादा लोगों की मौत, 1500 घायल।
– 1998 : ओवरपास पर 180 लोगों की मौत।
– 2001 : भगदड़ में 35 लोगों की मौत।
– 2004 : भगदड़ में 200 से ज्यादा लोगों की मौत।
– 2006 : मक्का में ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 300 लोगों की जान गई।

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