कैसे होगा गांवों का विकास: पीएम के ‘वडनगर’ को देख हकीकत जानिए अभी

कितना बदल चुका है PM मोदी का गांव ‘वडनगर’, देखें तस्वीरें…केंद्र सरकार काम पर है ! साथ में बडे़ – बडे़ पूंजीपती, राजनीतिज्ञ, सिने स्टार और अन्य मंत्री भी। कैसे होगा विकास, गांवों का-शहरों का, शिक्षा का, रक्षा का और नदियों का? ये सबसे बडे़ प्रश्न लोगों की जुबां पर रहते हैं। सोशल साइट्स पर पक्ष-विपक्ष की बहस चलती रहती है। कुछ सपोर्ट में हैं, तो कुछ सरकार के यहां तक के कामकाज से नाखुश हैं।

》दुनियां 360° news Desk: चूंकि भारत गांवों की पटकथा से सदियों से जुड़ा रहा है, इसलिए कर्इ का ध्यान पीएम मोदी के बचपन वाले गांव, गोद लिए गांव और देशभर के गांवों का विकास कराने के वादे की ओर जाता है। वह गांव, जहां उनका जन्म हुआ, इंटरनेशनल मीडिया की कवरेज में आ चुका है। उसके विकास और भविष्य की तस्वीर के चर्चे होते रहे हैं। आखिर क्या है उसमें? क्या वह मोदी की वजह से विश्वपटल पर आया, क्या मोदी की वजह से पहचान मिली? आदि बातें आप भी जानना चाहते होंगे। इसलिए आज हम उसी गांव की ओर आपको ले चलते हैं…. और देखते हैं उनके दावे का सच…

ये है पीएम मोदी का गांव, बहुत हराभरा रहा है इसका इतिहास
मेहसाना. नॉर्थ गुजरात के जिले मेहसाना में वडनगर, नरेंद्र मोदी का वह गांव है जहां उनका जन्म हुआ था। देखने में यह काफी सुंदर है। यहां आबादी करीब 28 हजार है, यह मेहसाना मुख्यालय से करीब 37 किमी दूरी पर टीले पर बसाह हुआ है। इतिहास देखें तो 2,500 B.C. तक के प्रमाण मिलते हैं इसके। आज इसकी गिनती शहरों में होती है, जबकि कुल 45 गांवों का समावेश है।

भव्यता से पूर्ण अतीत
वडनगर.. में प्राचीन इतिहास की अनगिनत यादें हैं। आज भले ही मोदी की वजह से पहचाना जाता हो, लेकिन यह बात बहुत कम लोगों को ही मालूम है कि इसका अतीत भी भव्यता से पूर्ण था। कैसे होगा गांवों का विकास: पीएम के ‘वडनगर’ को देख हकीकत जानिए अभीतब भी हड़प्पा स्थल (गुजरात) में यह जगह चर्चित थी और आज के गुजरात में भी। यहां लगातार महलों, भवनों का निर्माण होता रहा। वे नष्ट होते रहे, फिर उन पर निर्माण कार्य होता चला गया। इस तरह वर्तमान में वडनगर भूतल से लगभग 7 फीट ऊंचा है। इसके नीचे पुराने नगरों के अवशेष दबे पड़े हैं। इसीलिए यहां जब भी खुदाई होती है तो प्राचीन मानव सभ्यता के कुछ न कुछ अवशेष निकल आते हैं। वडनगर का उल्लेख पुराणों और महान चीनी यात्री ह्वेनसांग (7वीं शताब्दी) की यात्रा वृत्तांतों में भी एक समृद्ध शहर के रूप में मिलता है।

ब्राह्मणों के लिए बसा था
वडनगर को महेसाणा का 1998 में तालुका घोषित किया गया था। लेकिन इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो वडनगर को ब्राह्मणों के लिए बसाया गया था। यहां विभिन्न देवी-देवताओं के इतने मंदिर हैं कि हर सौ गज के अंतर पर कोई न कोई छोटा-बड़ा मंदिर दिखाई दे जाता है। यहां हाटकेश्वर महादेव, अमथेर माता मंदिर, कीर्तिस्तंभ, शर्मिष्ठा तालाब, गौरीकुंड, महेता की वाव आदि दर्शनीय स्थल हैं। वडनगर में हिंदु-मुस्लिमों की संख्या अधिक है। हिंदुओं में ठाकोर और पटेला बहुमत हैं। इसके बाद चौधरी, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और अन्य जातियों का नंबर आता है। यह एक शांतिप्रिय नगर है। हाटकेश्वर के पूरे मंदिर में बहुत सुंदर और बारीक शिल्पकृतियां हैं। मंदिर के अंदर और बाहरी दीवारों पर पुराण, रामायण, महाभारत और अन्य कथाओं के दृश्य भी मौजूद हैं। ये शिल्पकृतियां साबित करती हैं कि यह मंदिर महाभारत काल से भी पुराना है।

इस नगर को श्रीकृष्ण की द्वारकानगरी के समकालीन माना जाता है। यहां प्राचीन समय के अनेकों मंदिर हैं। इसमें हाटकेश्वर महादेव, अमथेर माता मंदिर सबसे प्रमुख हैं। अमथेर माता का मंदिर वडनगर के पूर्व भाग में स्थित है। प्राचीन समय में यह विशाल मंदिर था। इस मंदिर के प्रांगण में अब भी 6 मंदिर बचे हुए हैं। वहीं हाटकेश्वर मंदिर की बात करें तो इतिहासकारों के अनुसार इसका निर्माण तेरहवीं सदी में हुआ, यानी की इसका निर्माण महाभारत काल से पहले का है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

vadnagar history: These are the first impressions of Gujarat Chief Minister Narendra Modi's home town - the dusty, sleepy temple town of Vadnagar in Mehsana ...https://vijayrampatrika.wordpress.com/tag/news/7 वीं सदी में ह्वेनसांग ने किया जिक्र
वडनगर का उल्लेख पुराणों और महान चीनी यात्री ह्वेनसांग (7वीं शताब्दी) के यात्रा वृत्तांतों में भी एक समृद्ध और फलते-फूलते शहर के रूप में मितता है। इतिहासकारों की मानें तो राजा कुमारपाल ने 1152 ईस्वी में इस नगर की किलेबंदी करवाई थी। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इतिहास में इस नगर का उल्लेख कुछ अन्य नामों.. विमलपुर, आनंदपुर, चमत्कारपुर, स्नेहपुर से भी है।

अकबर ने कराया था हमला !
मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के अलावा वडनगर में दर्शनी स्थलों में ताना और रीरी नामक दो बहनों की समाधि भी हैं। इनके जीवन की कहानी 16वीं शताब्दी से संबद्ध है। इनके बारे में बताया जाता है कि दोनों बहने मेघ मल्हार गाया करती थीं। सम्राट अकबर ने जब इनके बारे में सुना तो उन्हें अपने दरबार में आने का आदेश दिया। हालांकि ताना और रीरी ब्राह्मण परिवार से थीं। इसलिए यह उनकी संस्कृति और मर्यादाओं के खिलाफ था। इसलिए उन्होंने अकबर का आदेश मानने से मना कर दिया। इस बात पर गुस्साए अकबर ने पूरे शहर को तबाह कर इन्हें बलपूर्वक अपने दरबार में लाने के लिए सेना भेज दी। अपने शहर को बचाने के लिए दोनों बहनों ने अपने प्राण त्याग दिए। इन्हीं बहनों की याद में ये दो समाधियां बनाई गईं।

नहीं रहीं बावडियां
प्राचीन समय में भी यहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी। पानी के संग्रहण के लिए अनेकों बावड़ियां बनाई गई थीं। हालांकि अब बावड़ियां खत्म हो चुकी हैं और उनकी जगह पाइप लाइनों ने ले ली है। चौड़ी-चौड़ी सड़कों का भी निर्माण हो चुका है। प्रवासियों को आकषिर्त करने के लिए वडनगर के राजमार्गो, पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को सोलर लाइटों से सुसज्जित कर दिया गया है। विकास के साथ यहां प्राचीन स्थलों को सहेजने में भी नगर समिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राचीन इमारतों और पर्यटन स्थलों की चकाचौंध बढ़ाने के लिए भी सोलर लाइटों का प्रयोग किया गया है। ताना और रीरी की समाधि के पास ही एक सुंदर पार्क का भी निर्माण करवाया गया है।

ऐसे हुआ डवलपमेंट
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संगीत कार्यक्रम हैं फेमस
वडनगर में हरसाल शास्त्रीय संगीत का विशाल कार्यक्रम भी आयोजित करवाया जाता है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शास्त्रीय वादक हिस्सा लेते हैं। वहीं शहरवासियों के मनोरंजन के लिए शर्मिष्ठा #Know about Vadnagar in Gujarat, the birthplace of Narendra modi. Vadnagar, located north of Ahmedabad, is now famous as our current Prime Minister Narendra Modi's birthplace, though unfortunately I never clicked a picture ... #Anart Shikshan Kendra #Vadnagar Girls High School #Navin Sarva Vidyalaya #Vadnagar is a Village and a municipality in Mehsana district in the Indian state of Gujarat. It is the birthplace of Narendra Modi, the 15th and current Prime Minister of India. Lake Sharmista, VadNagar. Tana Riri Memorial. कैसे होगा गांवों का विकास: पीएम के ‘वडनगर’ को देख हकीकत जानिए अभी... https://vijayrampatrika.wordpress.com/?p=10123तालाब के किनारे पर एक विशाल थिएटर का भी निर्माण किया गया है। यहां शर्मिष्ठा तालाब का नाम अक्सर इसलिए भी सुनने में आता है कि मोदी बालपन में यहीं से एक मगरमच्छ का बच्चा पकड़कर अपने घर ले गए थे। शर्मिष्ठा तालाब के चर्चा में आने के बाद से ही इसकी दशा पूरी तरह बदल चुकी है। तालाब को आकर्षित बनाने के लिए इसके चारों ओर सुंदर पार्को का निर्माण करवाया गया।

फोटो: बुद्ध सर्कल (वडनगर में हुई खुदाई में 2 से 7 वीं ईसवी की प्राचीन बौद्ध वस्तुएं मिलीं। इसी के पास इस सर्कल का निर्माण किया गया।)

नोट: वडनगर के इतिहास से जुडे़ तथ्य vadnagar.blogspot, wikipedia.org, gujarattourism.com, sid-thewanderer.com एवं इंटरनेर्ट रिसर्च पर आधारित हैं। साथ ही सितंबर 2013 में हमारी टीम के मेहसाना दौरे में जुटार्इ गयी जानकारी भी समाहित की गर्इं।

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