3 MARKS : जिस दिन ये समा जाएंगे धरती में, अपने अंतिम स्टेज पर होगा कलयुग

Govardhan Parikrama in Mathura, Giriraj Parikrama Mathura》जीवन दर्शन Desk: भगवान विष्णु के 22 वें अवतार, श्री कृष्ण ने दुनिया के सबसे पवित्र और प्राचीन ग्रंथ ‘गीता’ में कहा है कि जो जन्मा है उसकी मृत्यु भी निश्चत है। इस नियम से न तो सूर्य अलग है और न हमारी धरती। इनका भी एक दिन अंत होना तय है। समय-समय पर दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणियां भी आती रहती हैं, कब खत्म होगी यह कोर्इ नहीं बता सकता। यह विषय ही मनुष्य की पहुंच से बाहर है। लेकिन प्रलय से जुडी़ आशंकाएं और संकेत हमारे धर्मग्रंथों में बताए गए हैं। देश में कुछ स्थान भी ऐसे हैं, जिनसे भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है।

Vijayrampatrika.wordpress.com आज आपको बताने जा रहा है भारत के कुछ ऐसे पर्वत, मंदिर और गुफाओं के बारे में जहां कलयुग के पतन से जुडे संकेत मिलते हैं। याकि, इन जगहों को इस संदर्भ में सदियों से देखा जा रहा है… जहां कुछ रहस्य छुपे हुए हैं ……..

1. गिरिराज पर्वत, गोवर्धन
govardhan parikrama
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रजभूमि में यह वही स्थान है, जहां द्वापर युग में देवराज इंद्र के कोप से श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इस पर्वत को उन्होंने तर्जनी उंगली पर उठाया था, जिससे बारिश-तूफान और भयंकर अंध का असर नहीं हुआ। बाद में इंद्र ने हार मानली और वह श्रीकृष्ण की शरण में आ गया। अब जिसमें आप रह रहे हैं, वह कलयुग है। लेकिन गोवर्धन पर्वत की आस्था आज भी बरकरार है। गुरू पूर्णिमा पर लाखों लोग यहां दूर-दूर से परिक्रमा करने आते हैं। यह पर्वत कर्इ किलोमीटर लंबा है, जबकि ऊंचार्इ करीब 50 मीटर तक है। हिंदुग्रंथों के मुताबिक, यह पर्वत कलयुग के अंत तक पूरा धरती में समा जाएगा। आए दिन इसकी ऊंचार्इ तिल-तिल घट रही है।
गोवर्धन पर्वत के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें
गिरिराज पर्वत की परिक्रमा का पैकेज यहां देख सकते हैं आप। वॉलपेपर्स डाउनलोड करने के लिए ये लिंक छुएं।

अभी आपने पढ़ी गिरराज पर्वत की कहानी, कलयुग की भीषण स्थिति का संकेत देने वाले अन्य स्थानों के बारे में जानने के लिए छुएं ये फोटोज़, फिर अंदर पढें स्लाइड्स में……….

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जानिए कितना गुजर गया कलयुग और कितना है बाकी…….!

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