क्या आप जानते हैं कलियुग में कहां रहते हैं हनुमानजी

Dharm-secrets-of-loard-hanumanश्री हनुमान श्रीराम-भक्तों के परमधार, रक्षक और श्रीराम-मिलन के अग्रदूत हैं। रुद्र अवतार श्रीहनुमान का बल, पराक्रम, ऊर्जा, बुद्धि, सेवा व भक्ति के अद्भुत व विलक्षण गुणों से भरा चरित्र सांसारिक जीवन के लिए आदर्श माना जाता हैं। यही वजह है कि शास्त्रों में श्रीहनुमान को ‘सकलगुणनिधान’ भी कहा गया है। हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक श्रीहनुमान 8 चिरंजीवी, सरल शब्दों में कहें तो अमर व दिव्य चरित्रों में एक है।

हनुमान उपासना के महापाठ श्रीहनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने भी लिखा है कि – ‘चारो जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा।’

इस चौपाई में साफ संकेत है कि श्रीहनुमान ऐसे देवता है, जो हर युग में किसी न किसी रूप, शक्ति और गुणों के साथ जगत के लिए संकटमोचक बनकर मौजूद रहते हैं। हनुमानजी से जुड़ी यही विलक्षण और अद्भुत बात उनके प्रति आस्था और श्रद्धा गहरी करती है। यहां जानिए, श्रीहनुमान किस युग में किस तरह जगत के लिए संकटमोचक बनें और खासतौर पर कलियुग यानी इस युग में श्रीहनुमान कहां बसते हैं –

सतयुग – श्री हनुमान रुद्र अवतार माने जाते हैं। शिव का दु:खों को दूर करने वाला रूप ही रुद्र है। इस तरह कहा जा सकता है कि सतयुग में हनुमान का शिव रुप ही जगत के लिए कल्याणकारी और संकटनाशक रहा। दी गर्इ तीन तस्वीरें छुएं, फिर अंदर स्लाइड़स में जानिए त्रेतायुग, द्वापर व कलयुग में चिरंजीवी हनुमानजी का बसेरा कहां है –

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Categories: 》जीवन दर्शन | Leave a comment

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